KBC में बच्चे का बिहेवियर बना चर्चा का विषय | क्या ये है Influencer Syndrome?” :- नमस्कार दोस्तों! क्या आपने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 17वें सीजन का हालिया एपिसोड देखा? एक बच्चे की एंट्री ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, कई लोग उसे ट्रोल कर रहे हैं, तो कुछ लोग उसका डटकर समर्थन भी कर रहे हैं. तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक मासूम बच्चा नेशनल टेलीविजन पर चर्चा का विषय बन गया?
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यह बच्चा है ईशित भट्ट, जो गुजरात के गांधीनगर से है और पांचवीं कक्षा का छात्र है, ईशित के बात करने के अंदाज़ और लहजे को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।
कई लोगों ने उसे बदतमीज़ और बोल्ड कहकर ट्रोल किया है।
साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक, ये मामला सिर्फ बदतमीज़ी का नहीं है, ये उस मानसिक स्थिति का हिस्सा हो सकता है जिसे कहते हैं — Influencer Syndrome।
इसमें बच्चे या युवा खुद को हमेशा सेन्टर ऑफ अटेंशन समझते हैं. उन्हें लगता है कि हर जगह उनकी राय जरूरी है, और वे खुद को एक ब्रांड की तरह पेश करते हैं।
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बेंगलुरु के साइकोलॉजिस्ट डॉ. सपारे रोहित के अनुसार, आज के बच्चे सोशल मीडिया, यूट्यूब और रील्स से इतनी जल्दी प्रभावित हो जाते हैं कि कैमरे के सामने बोलना, पोज़ देना और एटीट्यूड दिखाना उनकी आदत बन जाती है।
वे जो कुछ टीवी या मोबाइल पर देखते हैं, उसी अंदाज़ को कॉपी करने लगते हैं, यही आदत कब आत्मविश्वास से ओवरकॉन्फिडेंस बन जाती है, उन्हें और उनके माता-पिता — दोनों को पता नहीं चलता।
इस उम्र में बच्चों का दिमाग होता है स्पंज की तरह, जो कुछ वो देखता है, वो सीधा उनके दिमाग में उतर जाता है, डॉ. सपारे कहते हैं, “बच्चों को आत्मविश्वास के साथ विनम्रता भी सिखाना जरूरी है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो ये सिंड्रोम आगे चलकर ईगो, बदतमीज़ी और समाज में असंतुलन का कारण बन सकता है।
दोस्तों, बच्चों को कैमरा-फ्रेंडली बनाना बुरा नहीं है. लेकिन अगर वो कैमरा ही उनकी सोच और व्यवहार को कंट्रोल करने लगे, तो ज़रूरत है पेरेंट्स और टीचर्स की जागरूकता की।
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