धर्मपुर विधानसभा में ज्योति रौतेला का चुनावी शंखनाद :- भले ही उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को डेढ़ साल से ज्यादा का समय बाकी हो लेकिन सबसे पहले इलेक्शन मोड में आ गयी है कांग्रेस क्योंकि खुद धाकड़ महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने धर्मपुर विधानसभा में अपना पहला मुख्य चुनावी कार्यालय खोल कर दो दर्जन से ज्यादा पार्टी उम्मीदवारों को बड़ा झटका दे दिया है। इस बड़े घटनाक्रम पर खुद बीजेपी और मौजूदा विधायक विनोद चमोली की भी नज़र है हांलाकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उनके मुकाबले उम्मीदवार कोई महिला ही क्यों न हो वो मुकाबले को तैयार हैं ।
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स्मार्ट सिटी देहरादून की इस बेहद ख़ास और चर्चित विधानसभा में कभी कांग्रेस में रहे दिनेश अग्रवाल ने मंत्री तक का सफर तय किया था लेकिन उसके बाद ऐसा मोहभंग हुआ की उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया और फिलहाल हाशिये पर उनकी सियासी भूमिका नज़र आ रही है। मौजूदा विधायक की बात करें तो अनुभवी और ज़मीनी सियासत के धुरंधर विनोद चमोली की किलेबंदी है लेकिन पहले दस साल मेयर और फिर दो बार के विधायक चमोली को पार्टी रिपीट करेगी इस पर भी संशय बन गया है क्योंकि पार्टी में दावेदारों की कोई कमी नहीं है ऐसे में चमोली के पास अपनी उपलब्धियां ही एकमात्र आधार बन सकती है। लेकिन जो हाल इस विधानसभा की सड़कों , कॉलोनियों में सीवर लाइन , पानी की सप्लाई लाइन , और मूलभूत जन समस्याओं को लेकर लोगों में नाराज़गी है वो बीजेपी को झटका दे सकती है।
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अब ऐसे लगता है कि दिल्ली में आलाकमान ने उत्तराखंड कांग्रेस को प्रदेश में पुर्नजीवित और कार्यकर्ताओं में सियासी करंट भरने वाली जोशीली प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को मजबूत महिला चेहरा मानकर धर्मपुर विधानसभा में उतारने का मन बना लिया है। क्योंकि अपनी उम्मीदवारी को लेकर जो कॉन्फिडेंस और सक्रियता ज्योति रौतेला ने बीते छह महीने में क्षेत्र में सक्रिय होकर दिखाई है वो बिना किसी टॉप लीडरशिप के इशारे सम्भव नहीं लगता है। हांलाकि अंदरखाने दावेदारों को लगता है कि इस विधानसभा से उनकी लॉटरी भी लग सकती है लेकिन संभावनाएं लगने लगी है कि ज्योति ही आखिरकार यहाँ से मैदान में बीजेपी को ललकारेंगी।

