LADAKH में क्यों हो रहा है आंदोलन, क्या है इसकी वजह? जानें :- नमस्कार, बड़ी खबर लद्दाख से है। लेह में हो रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय भाजपा ऑफिस और पुलिस की कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
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इस आंदोलन का नेतृत्व लेह एपेक्स बॉडी कर रही है। संगठन की मुख्य मांग है कि लद्दाख को राज्य का दर्जा दिया जाए और उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं। वे 15 दिनों से अनशन पर थे, लेकिन अब हिंसा की घटनाओं के बीच उन्होंने उपवास तोड़ने का ऐलान कर दिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस पिछले चार सालों से केंद्र सरकार से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। अब गृह मंत्रालय ने छह अक्टूबर को बैठक की तारीख तय की है।
प्रदर्शनकारियों की मांगें सिर्फ राज्य के दर्जे तक सीमित नहीं हैं। वे नौकरियों में 95 प्रतिशत आरक्षण चाहते हैं और बेरोजगारी को लेकर भी खासा गुस्सा है। हाल ही के एक सर्वे के मुताबिक, लद्दाख के 26 प्रतिशत ग्रेजुएट बेरोजगार हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 13 प्रतिशत है।
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वहीं, आंदोलन का विरोध करने वाले गुट का कहना है कि लद्दाख पहले ही जम्मू कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया जा चुका है, इसलिए यह मांग दोबारा नहीं उठाई जा सकती।
अब सबकी निगाहें छह अक्टूबर को होने वाली बातचीत पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि क्या लद्दाख की मांगों का हल निकलेगा या विरोध और गहराएगा।

