31 दिसंबर तक रिवाइज्ड या लेट आईटीआर दाखिल करने का मौका : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने करदाताओं के लिए एक नई पहल शुरू की है. वित्त वर्ष 2023-24 और 2021-22 के लिए दाखिल आयकर रिटर्न (आईटीआर) और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में दर्ज आय व लेन-देन के बीच गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए यह ई-कैंपेन लॉन्च किया गया है. इसका मकसद उन करदाताओं को सतर्क करना है, जिन्होंने आय का पूरा ब्योरा नहीं दिया या आईटीआर दाखिल नहीं किया है।
गड़बड़ियों को ट्रैक करेगा सिस्टम
यह पहल ई-वेरिफिकेशन स्कीम, 2021 का हिस्सा है. इसके तहत थर्ड पार्टी डेटा का उपयोग कर यह देखा जा रहा है कि कौन-कौन से करदाताओं ने अपने आईटीआर में सही जानकारी नहीं दी है. करदाताओं को एसएमएस और ईमेल के जरिए सूचनाएं भेजी जा रही हैं. इन संदेशों में एआईएस में दर्ज लेन-देन और आईटीआर में दर्ज आय का मिलान न होने की जानकारी दी जा रही है।
ITR दाखिल करने का दूसरा मौका
जिन करदाताओं ने अब तक अपनी पूरी आय का खुलासा नहीं किया है, वे इस ई-कैंपेन के तहत 31 दिसंबर, 2024 तक रिवाइज्ड या विलंबित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं. वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए करदाता 31 मार्च, 2025 तक अपडेटेड आईटीआर दाखिल कर सकते हैं. यह करदाताओं को आईटीआर फाइल करने का दूसरा मौका देने के लिए किया गया है।
AIS पोर्टल पर दें प्रतिक्रिया
करदाता एआईएस पोर्टल के जरिए दी गई जानकारी से सहमति या असहमति जाहिर कर सकते हैं. यह पोर्टल ई-फाइलिंग वेबसाइट के माध्यम से आसानी से एक्सेस किया जा सकता है. यहां करदाता अपने लेन-देन की पुष्टि कर सकते हैं या गलत जानकारी को सही कर सकते हैं।
टेक्नोलॉजी से बढ़ेगी पारदर्शिता
CBDT का कहना है कि यह पहल करदाताओं के लिए आयकर प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है. इससे न केवल अनुपालन बेहतर होगा, बल्कि करदाता-अनुकूल व्यवस्था भी बनेगी।

