उत्तराखंड निकाय और पंचायत चुनाव 2024 : एक बार फिर नगर निकाय चुनाव को लेकर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार ने निकायों में प्रशासकों का कार्यकाल फिर बढ़ा दिया है। शासन ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी।
इसके मुताबिक निकायों में नए बोर्ड का गठन होने तक प्रशासकों का कार्यकाल विस्तारित किया गया है। इस आदेश से साफ है कि निकाय चुनाव एक बार फिर आगे के लिए खिसका दिए गए हैं।
उत्तराखंड में नगर निकायों का पांच वर्ष का कार्यकाल पिछले वर्ष एक दिसंबर को समाप्त होने के बाद इन्हें प्रशासकों के हवाले कर दिया गया था। तब निकाय अधिनियम के मुताबिक छह माह के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए थे। लेकिन तैयारी पूरी नहीं हुई तो इस वर्ष दो जून को प्रशासकों का कार्यकाल तीन माह के लिए बढ़ा दिया था।
अब यह अवधि खत्म होने से पहले ही शासन ने निकायों में प्रशासकों का कार्यकाल नए बोर्ड का गठन होने तक विस्तारित करने की अधिसूचना जारी की है। सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक इसके बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते विलंब हुआ तो प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाया गया।
वर्तमान में मानसून सीजन में अतिवृष्टि, भूस्खलन, बादल फटने जैसी घटनाएं हो रही हैं। यही नहीं, निकायों में ओबीसी सर्वे में भी समय लगने की संभावना है।
ऐसे में निकायों में प्रशासनिक शून्यता की स्थिति न हो, इसी के दृष्टिगत प्रशासकों का कार्यकाल विस्तारित किया गया है।अब सरकार 25 अक्टूबर से पहले निकाय चुनाव कराने को तैयार है।

