केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसान क्रेडिट कार्ड घर-घर अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी उपस्थित रहकर इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन किया।
इस योजना के माध्यम से, किसानों को आसानी से ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, और इसके साथ ही वे मौसम की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए आसान अल्पकालिक ऋण सुनिश्चित करने और इस योजना से जुड़ने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पर्याप्त धन आवंटित किया है।
उन्होंने इस योजना के तहत बैंकों के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस योजना को बड़े उत्साह से स्वागत किया और कहा कि कृषि के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने तीन महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें किसान ऋण पोर्टल, किसान क्रेडिट कार्ड घर-घर अभियान, और मौसम की जानकारी पाने के लिए वेदर इनफार्मेशन नेटवर्क डेटा सिस्टम (विंड्स) शामिल है।
इन गतिविधियों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में क्रांति लाना, वित्तीय समावेशन को बढ़ाना, डेटा उपयोग को अनुकूलित करना, और देश भर में किसानों के जीवन को और बेहतर बनाना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने चावल और गेहूं की फसल के उत्पादन के लिए वास्तविक समय आकलन की सराहना की और इसके साथ ही वे दलहन एवं तिलहन की फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी आग्रह किया।
इससे न केवल फसल सत्र के अंत में किसानों को सही कीमतें मिलेंगी, बल्कि वास्तविक समय की मौसम की जानकारी से अर्थव्यवस्था को भी पर्याप्त सहायता मिलेगी।
वित्त मंत्री ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं सहकारी बैंकों के पूर्ण स्वचालन का भी आग्रह किया और वित्तीय सेवा विभाग को इन बैंकों के लिए ऋण स्वीकृति तथा ऋण वितरण के बीच अंतर को स्पष्ट समझने का निर्देश दिया।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस मौके पर सरकार के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दिए गए महत्व का उल्लेख किया और बताया कि कृषि मंत्रालय का बजट वर्ष 2013-14 के 23,000 करोड़ रुपये की तुलना में अब 2023-24 में बढ़कर 1,25,000 करोड़ रुपये हो गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना-पीएमएफबीवाई के संयुक्त सचिव (क्रेडिट) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितेश चौहान ने इस पहल पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी और बताय कि तकनीकी सुविधाओं के उपलब्ध होने के कारण इस वर्ष प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में रिकॉर्ड नामांकन हुआ है।

