उत्तराखंड की धरती सशक्त मातृशक्ति की पहचान है, ऐतिहासिक चिपको आंदोलन की इस धरती में महिलाओं ने हमेशा से आगे बढ़ चढ़कर भाग लिया है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन इसका एक ज्वलंत उदाहरण है।
बिल के पास होने के बाद से लोकसभा और विधानसभाओं में भी महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने से मातृशक्ति को और बल मिला है।
सर्वोच्च सदन में और मजबूती से गूंजेगी महिलाओं की आवाज भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने कहा, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के विधेयक को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है।
उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा, इससे महिलाएं राजनीतिक तौर पर मजबूत होंगी। महिलाओं के लोकसभा और विधानसभा पहुंचना आसान होगा। उनके मुद्दे सर्वोच्च सदन में और मजबूती के साथ गूंजेंगे।
कैबिनेट में महिला आरक्षण बिल को मंजूरी देने के बाद भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
बुधवार को बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल के लागू होने से प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों में 23 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। पार्टी ने कहा, 23 महिलाएं विधानसभा पहुंचेंगी। इससे महिलाएं राजनीतिक तौर पर सशक्त होंगी।
दशकों से लंबित महिला आरक्षण बिल को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से राज्य की महिला विधायक और नेता उत्साहित और गदगद हैं। उन्होंने बिल को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने केंद्रीय कैबिनेट में महिला आरक्षण बिल मंजूरी और इसे बुधवार को लोकसभा में पेश करने को ऐतिहासिक कदम करार दिया।
कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा से नारी शक्ति का सम्मान किया है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलने के फैसले के बाद पूरी तस्वीर बदलने वाली है।
महिलाओं के लिए 181 सीटें हो जाएंगी आरक्षित 33 फीसदी आरक्षण मिलने से देश के सर्वोच्च सदन में महिलाओं के लिए 181 सीटें आरक्षित हो जाएंगी।
उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में भी 70 में से 23 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। देश की आजादी के अमृत काल में प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले से पूरे देश की महिलाओं में आत्म सम्मान और आत्म विश्वास का भाव पैदा होगा।
महिला आरक्षण बिल की मंजूरी से महिलाओं को राजनीतिक मैदान में नई दिशा मिल रही है। इस ऐतिहासिक कदम से महिलाएं अब अपनी आवाज को सर्वोच्च सदन में मजबूती से सुना सकेंगी और राजनीतिक तौर पर मजबूत होंगी।

