लोकप्रियता के साथ सर्वोपरि खड़े होने वाले मुख्यमंत्री धामी ने पंजाबी सभा द्वारा आयोजित विभाजन विभीषिका सम्मान समारोह में अपने भाषण में विभाजन के दौरान संघर्ष को स्मृति चिन्ह देने के साथ-साथ विभाजन के महत्व को बताया।
उन्होंने भारत के विभाजन की पीड़ा को उजागर किया और यह किसी विभीषिका से कम नहीं था। विभाजन के दर्द के बारे में बात करते हुए उन्होंने भारतीय समाज की एकता और सद्भाव की महत्वपूर्णता को भी उजागर किया।
विभाजन के दौरान भारतीय समाज की दुर्भावनाओं और विमनस्यता का सामना करने वाले लोगों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों की श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने सामाजिक विभाजन के दौरान अपने परिजनों की स्मृति में स्मृति स्थल के निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने विभाजन के परिणामस्वरूप हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विभाजन के बारे में बताते हुए यह कहा कि देश का विभाजन केवल भूभाग का विभाजन नहीं था, बल्कि वो लोग जो पीढ़ियों से साथ रहते थे, उनके बीच दुर्भावना और नफरत की लकीर खींच दी गई थी।
विभाजन के परिणामस्वरूप देश के विकास में ब्रेक आया और सामाजिक सद्भाव खो दिया गया। मुख्यमंत्री ने दिलाया कि विभाजन के दर्द की टीस आज भी है, जो उसे सहने वाले लोगों की आंखों को नम कर देती है।
विभाजन के दौरान संघर्ष करने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति चिन्ह देने का संकेत दिया। वे उन्हें उनके समर्पण और बलिदान के लिए सलामी देते हैं और उनके योगदान की महत्वपूर्णता को प्रमोट करते हैं।
उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे अपने देश के इतिहास को समझें, जानें कि कैसे आज़ादी, और उस दर्द को भी समझें जिसका देश विभाजन के दौरान सामना कर रहा था।
विभाजन के परिणामस्वरूप हुए सामाजिक और आर्थिक विकास के बारे में बात करते हुए उन्होंने दिखाया कि उत्तराखंड सरकार भी देश के विकास में अपना योगदान दे रही है।
उनका लक्ष्य है कि उत्तराखंड को एक उच्च-स्तरीय राज्य बनाने का, और वो समाज की एकता और सद्भाव की महत्वपूर्णता को बढ़ावा देने में जुटे हैं।
आखिरकार, मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि आजादी के बाद विभाजन की पीड़ा को भुलाकर लोगों ने देश के विकास में अपना योगदान दिया है और उन्होंने उत्तराखंड को एक श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए समर्थन दिया।
इस अद्भुत समारोह के संगठनकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति भी उन्होंने धन्यवाद व्यक्त किया और उनके संघर्षों का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका सम्मान समारोह में अपने भाषण के माध्यम से विभाजन के महत्व को बताया, उसके परिणाम और उसके दौरान संघर्ष करने वाले लोगों का सम्मान किया ।
उन्होंने सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं की महत्वपूर्णता को उजागर किया और यह संदेश दिया कि हमें अपने देश के इतिहास को समझने का योगदान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

