सीबीआई कोर्ट में विधायक मदन बिष्ट और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल दाखिल किए हैं।
इस मामले में कोर्ट में अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल, विवेक गुप्ता, निलय रत्न कुकरेती और ओम प्रकाश सती ने बहस की।
अचानक इस वक्त क्यों हो रही कार्रवाई। ।
अधिवक्ताओं ने कहा जब इस मुकदमे को वापस लेने के लिए शासनादेश हो चुका था।
तो अब ये इस वक्त कार्रवाई क्यों हो रही हैं।
सीबीआई ने किसी को भी अब तक वाइस सैंपल लेने के लिए फोन तक नहीं किया।
अब अचानक इस तरह नोटिस भेज रहे हैं। जबकि मुकदमा तो 2016 का है।
फैसले से पहले इतनी जल्दबाजी क्यों। ।
अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अधिवक्ताओं ने कोर्ट में कहा कि वाइस सैंपल देने हैं या नहीं इसकी रिट अभी हाईकोर्ट में पेंडिंग है।
इसका फैसला इसी महीने कुछ दिनों में आ जाएगा।
इस फैसले के पहले इतनी जल्दबाजी क्यों हो रही है।
जब हाई कोर्ट से फैसला आएगा तभी वो इस बारे में निर्णय लेंगे।
दो नेताओं ने दाखिल नहीं किए जवाब। ।
कोर्ट में अभी दो नेताओं पूर्व सीएम हरीश रावत और विधायक मदन बिष्ट की तरफ से ही जवाब दाखिल किए गए हैं।
जबकि हरक सिंह रावत और विधायक खानपुर उमेश शर्मा की ओर से जवाब नहीं आया है।
न्यायालय में उनके जवाब का इंतजार हो रहा है।
शाम तक मामले में कार्यवाही चलेगी। लिहाजा किसी भी वक्त इन दोनों की ओर से भी जवाब दाखिल किया जा सकता है।

