प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भारतीयों ने हमेशा नए विचारों का स्वागत किया है और उन्हें संरक्षण दिया है तथा देश की समृद्ध विविधता का जश्न मनाया है।
उन्होंने कहा, ‘भारत की संस्कृति हो या समाज संरचना, भारत का आध्यात्म हो या उसके आदर्श, भारत का दर्शन हो या दृष्टि, हमने हमेशा जोड़ने, अपनाने और अंगीकार करने वाली परम्पराओं को पोषित किया है।
हमने नए विचारों का स्वागत किया है, उन्हें संरक्षण दिया है. हमने विविधताओं को समृद्ध किया है, उनका जश्न मनाया है।
देशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग का प्रसार भारत के विचार का विस्तार है, जो पूरे संसार को एक परिवार के रूप में समाहित करता है।
उन्होंने कहा, “योग के विस्तार का अर्थ है- ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना का विस्तार. इसलिए इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 सम्मेलन का विषय भी एक पृथ्वी, एक परिवार एक भविष्य है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग एक ऐसे स्वस्थ और सामर्थ्यशाली समाज का निर्माण करता है, जिसकी सामूहिक ऊर्जा कई गुना ज्यादा होती है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छ भारत जैसे संकल्पों से लेकर ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे अभियानों तक, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से लेकर सांस्कृतिक भारत के पुनर्निर्माण तक, देश तथा देश के युवाओं में जो असाधारण गति दिखी है।
उसमें इस ऊर्जा का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने कहा, ‘आज देश का मन बदला है, इसीलिए जन तथा जीवन बदला है।

