18 जून को देहरादून में प्रस्तावित मुस्लिम समुदाय के द्वारा होने वाली महापंचायत को रद्द किया गया। अनेक स्तरों पर हुई बातचीत के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन और पक्षकारों की सैद्धांतिक सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया।
वहीं देहरादून एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने भी देहरादून जनपद में शांति व्यवस्था सांप्रदायिक सौहार्द के लिए बहुत बड़ा निर्णय लिया है।
आपको बता दें कि पुरोला की घटना के बाद पूरे प्रदेश में संप्रदायिक हिंसा फैलने का खतरा बना हुआ था एक और जहां हिंदू संगठन पुरोला में महापंचायत कर रहे थे उसको भी आज रद्द किया गया वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय के द्वारा 18 जून को महापंचायत बुलाई गई थी जिसको भी रद्द किया गया है।
मुस्लिम संगठनों ने कहा कि मुख्यमंत्री से उन्होंने प्रदेश में चल रहे सांप्रदायिक माहौल को लेकर बात की।
अपनी बात सीएम के सामने रखी और इसके बाद ही उन्होंने महापंचायत को टालने का फैसला लिया। बताते चलें कि गुरुवार देर शाम मुस्लिम संगठन के लोग मुख्यमंत्री से मिले।
पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती थी यह महापंचायत:
पुलिस और जिला प्रशासन के लिए देहरादून में मुस्लिम संगठनों की इस महापंचायत के ऐलान को बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा था।
संगठन की ओर से महापंचायत को स्थगित करने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया सांप्रदायिक सौहार्द खराब न हो, इसके लिए महापंचायत स्थगित कर संगठन के लोगों ने अच्छा संदेश दिया है।
लव जिहाद को लेकर पुरोला गांव में हुआ था बवाल:
दरअसल, पुरोला गांव में हिंदू संगठनों ने 15 जून को लव जिहाद के खिलाफ महापंचायत का ऐलान किया था।
मगर, पुलिस ने इसकी मंजूरी नहीं दी और पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी।
इसके बावजूद कई हिंदू संगठनों ने पुरोला गांव में जाने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने नौगांव में ही रोक दिया।

