उत्तराखंड के जोशीमठ में भू धंसाव और मकानों में दरार का खतरा अभी टला नहीं है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के बीच सामने आए इस खतरे से दहशत की स्थिति है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रशासनिक टीम ने सर्वे के बाद यहां चौकसी बढ़ा दी है।
प्रशासन ने इस भवन को येलो जोन में रख दिया है. नया मामला जोशीमठ के गांधीनगर में देखने को मिला है।
जिस भवन में नई दरारें देखी गई हैं, उसके आसपास के भवनों में पहले से दरारें आ चुकी हैं और प्रशासन ने इन मकानों पर रेड स्टीकर लगाया है।
बता दें कि उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव और मकानों में दरार का खतरा पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ था और इस साल के जनवरी महीने तक जारी रहा था।
उस समय यह दरारें जोशीमठ के सुनील, मनोहर बाग, सिंहधार के अलावा गांधी नगर, रविग्राम और मारवाड़ी वार्डों में देखने को मिला था।
कई जगह यह दरारें खतरनाक थी, कुछेक स्थानों पर हल्की फुल्की देखी गई. हालांकि उसके बाद प्रशासन ने दावा किया था कि खतरा टल गया है।
लेकिन एक बार फिर मकानों में दरारें देखकर लोगों में दहशत की स्थिति है।
इस समय भी यह दरारें जोशीमठ के गांधी नगर वार्ड में रहने वाले वीरेंद्र लाल तमता के नए भवन में देखी गई हैं।
उनके भाई नरेंद्र लाल के मुताबिक दो दिन पहले तक उनके मकान में कहीं भी कोई दरार नहीं थी. पूर्व में प्रशासन ने उनके मकान को सेफ घोषित किया था।
लेकिन अब उनके मकान पर येलो स्टीकर लगा दिया गया है. उधर, जोशीमठ के एसडीएम कुमकुम ने बताया कि उन्हें नई दरारों की जानकारी मिल चुकी है और सर्वे के लिए आदेश कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मकान पर फिलहाल येलो स्टीकर लगाया गया है. उन्होंने बताया कि हालात को देखते हुए पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कहीं से भी यदि खतरे का एहसास होता है तो तत्काल उस मकान में रहने वाले परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बता दें कि जोशीमठ में मौसम लगातार खराब चल रहा है और अगले एक सप्ताह तक इसमें सुधार की गुंजाइश ना के बराबर है।
आज बुधवार और कल गुरुवार को यहा हल्की आंधी के साथ बारिश की संभावना है।
यहां न्यूनतम तापमान नौ डिग्री के आसपास है, जबकि अधिकतम तापमान 24 डिग्री के आसपास है।
उम्मीद है कि अगले सप्ताह के बाद तापमान में बढ़ोत्तरी होगी।

