प्राकृतिक सौंदर्य समेटे जाबर झरने के पास सुविधाओं का अभाव है, लेकिन इसको पर्यटन के केन्द्र के तौर पर स्थापित करने की मांग हो रही है।
खास बात ये है कि सरकारों से खत्म होती उम्मीद के बाद बदहाली के दौर से गुजर रहे इस झरने को भवाली के लोग खुद तैयार करने की बात कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी संजय वर्मा कहते हैं कि अगर सरकार की ओर से पहल नहीं की गई तो यहां के लोकल लोग इसे विकसित करेंगे।
दरअसल, पिछले कुछ सालों से भवाली में स्थित जाबर के इस झरने ने खुद पहचान बनाई है।
पर्यटक भी यहां सुकून की तलाश में पहुंच रहे थे तो प्रकृति के बीच सुकून भी पा रहे थे।
बीते साल आई आपदा में सब बर्बाद हो गया था।

