UttarakhandHousing : उत्तराखंड में आवास योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार :- उत्तराखंड में हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की आवासीय योजनाएं अब गांव से लेकर शहर तक व्यापक आकार ले रही हैं। एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस परिवारों के लिए 15,960 आवासों के निर्माण को गति दी जा रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार का आवासीय विकास अब केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, बुनियादी सुविधाओं से युक्त और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से लगातार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष पैरवी की जाती रही है। इसका असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। जहां पीएम आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों को उनके गांव में ही पक्की छत मिली है, वहीं शहरी क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस आवास परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच रही हैं।
गांवों में 39,815 परिवारों का सपना हुआ साकार
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2022 से अब तक प्रदेश में 39,815 आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन आवासों के जरिए लंबे समय से कच्चे, जर्जर अथवा बिना घर के रह रहे परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया गया है। आंकड़ों के मुताबिक ऊधमसिंह नगर में सर्वाधिक 4,882 आवास बनाए गए हैं। इसके बाद हरिद्वार में 4,493 और रुद्रप्रयाग में 4,032 परिवारों को पक्की छत मिली है। चमोली में 3,900, पिथौरागढ़ में 3,386, पौड़ी में 3,195, उत्तरकाशी में 3,057, देहरादून में 2,839, चंपावत में 2,789, बागेश्वर में 2,279, टिहरी में 2,134, नैनीताल में 1,480 और अल्मोड़ा में 1,349 आवासों का निर्माण किया गया है। इस तरह योजना का दायरा मैदानी जिलों से लेकर पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक फैला है। पहाड़ों में जहां भौगोलिक परिस्थितियां आवास निर्माण को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं, वहीं मैदानी जिलों में भी बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ दिया गया है।
शहरों में भी तेज हुआ ईडब्ल्यूएस आवास निर्माण – बंशीधर तिवारी
ग्रामीण क्षेत्रों में आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य सरकार ने शहरी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी आवासीय परियोजनाओं को गति दी है। उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण यानी यूएचएडीए के आंकड़ों के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत एएचपी वर्टिकल में प्रदेशभर में 20 परियोजनाओं के माध्यम से 15,960 ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,271.43 करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार की ओर से प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इसके तहत कुल 239.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 तक उत्तराखंड को केंद्र से 222.228 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। शहरी आवास परियोजनाओं की प्रगति भी उल्लेखनीय है। परियोजनाओं में 97 प्रतिशत भौतिक और 96 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 20 परियोजनाओं में से 11 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 9 परियोजनाओं में निर्माण कार्य जारी है।
अंतिम चरण में पहुंचीं कई परियोजनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की विभिन्न परियोजनाओं में निर्माण कार्य 18 फरवरी 2016 से 21 अक्टूबर 2022 के बीच शुरू हुए थे। आवासीय इकाइयों को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ परियोजनाओं में बाहरी अवस्थापना से जुड़े कार्य अभी जारी हैं। इन बाहरी अवस्थापना कार्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में शेष परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना महत्वपूर्ण है, ताकि निर्माण पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराया जा सके।
यह स्थिति बताती है कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना अब केवल घोषणा या स्वीकृति के स्तर पर नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में परियोजनाएं निर्माण और पूर्णता के चरण में पहुंच चुकी हैं।
समयबद्ध पूरा होंगी आवास परियोजनाएं
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उत्तराखंड में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि आवास योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्माणाधीन ईडब्ल्यूएस आवास परियोजनाएं भी अंतिम चरण में हैं। डॉ. कुमार ने कहा कि आवास केवल चार दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ बिजली, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। विभाग द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि शेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कर लाभार्थियों को जल्द आवास उपलब्ध कराया जा सके।
हर परिवार को पक्की छत का लक्ष्य – बंशीधर तिवारी
अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवासीय योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक तेजी से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत मिलना और शहरी क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस आवास परियोजनाओं का अंतिम चरण में पहुंचना सकारात्मक उपलब्धि है।
सरकार की प्राथमिकता यह है कि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से वास्तविक आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि आवास के साथ सड़क, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को जोड़कर ही समग्र विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है। इसी दिशा में विभागीय स्तर पर परियोजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है।

