₹1,77,53,960/- की ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार.
ठगी गई धनराशि में से ₹14 लाख अभियुक्त के बैंक खाते में क्रेडिट हुआ.
अभियुक्त के बैंक खाते में 4 माह में लगभग ₹95 लाख का संदिग्ध लेन-देन.
OnlineGamingFraud : ऑनलाइन गेमिंग में ₹1.77 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा :- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह द्वारा टीम प्रभारियों को साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश पर हरिद्वार के निवासी द्वारा एक शिकायतकर्ता द्वारा अपने साथ हुई ₹1,77,53,960/- की ऑनलाइन साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी ।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके द्वारा YouTube पर ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट Winadda का विज्ञापन देखा गया। इसके उपरान्त अज्ञात साइबर ठगों द्वारा विभिन्न मोबाइल नम्बरों से WhatsApp के माध्यम से लिंक भेजकर सम्पर्क किया गया तथा कम धनराशि निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच देकर वर्ष 2025 में वादी से कुल ₹1,77,53,960/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 20/2026, धारा 318(4), 61(2) BNS एवं 66D IT Act के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार के सुपुर्द की गई। विवेचना के दौरान साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों एवं धनराशि के लेन-देन का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में प्रकाश में आया कि वादी से ठगी गई धनराशि में से लगभग ₹14 लाख की धनराशि अभियुक्त के बैंक खाते में क्रेडिट हुई थी। उक्त बैंक खाते में मात्र 04 माह की अवधि में लगभग ₹95 लाख का लेन-देन होना भी प्रकाश में आया।
प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त होने के उपरान्त पुलिस टीम बैंक खाते के खाताधारक/अभियुक्त किशोर पुत्र मदन लाल, निवासी वार्ड नं.-05, ऊंचा मगर बास, थाना लाडनूं, जनपद डीडवाना-कुचामन, राजस्थान, उम्र 41 वर्ष को थाना लाडनूं, जनपद डीडवाना-कुचामन, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त
किशोर पुत्र मदन लाल, निवासी वार्ड नं.-05, ऊंचा मगर बास, थाना लाडनूं, जनपद डीडवाना-कुचामन, राजस्थान, उम्र 41 वर्ष.
उत्तराखण्ड एसटीएफ. द्वारा आमजन से अपील
ऑनलाइन गेमिंग, निवेश अथवा किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लाभ का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों/वेबसाइटों के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने अथवा धनराशि ट्रांसफर करने से पूर्व उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

