RamsharanNautiyal : रामशरण नौटियाल ने भाजपा छोड़ी , अब जायेंगे कहाँ :- कल तक सीनियर भाजपा लीडर रहे रामशरण नौटियाल अब भाजपा में नहीं रहे , उन्होंने कई दिनों की सियासी सोच विचार चुनावी नफे नुकसान को ध्यान में रखते हुए चुनाव से पहले भाजपा से किनारा कर लिया है। आपको बता दें कि 2022 में भाजपा के टिकट पर नौटियाल ने चकराता विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसमें 27,417 वोट हासिल किये थे जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रीतम सिंह को 36,853 मत मिले थे। अंदर खाने खबर आती रही है कि कई सालों से रामशरण नौटियाल लोकल लीडरशिप के रवैये से असंतुष्ट चल रहे थे। 2023 में उन्होंने मीडिया के सामने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
उस समय रामशरण ने आरोप लगाया था कि चकराता और कालसी ब्लॉक में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और जौनसार-बावर क्षेत्र में लकड़ी की तस्करी में स्थानीय नेताओं और उनके लोगों की कथित संलिप्तता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में हाल के कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों के दौरान भी रामशरण नौटियाल सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। स्थानीय पार्टी समर्थक और नौटियाल के सपोर्टर्स कह रहे हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा के लिए ये बड़ा झटका पार्टी के लिए चुनौती साबित होगा।
कुछ समय पहले चकराता विधानसभा की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया, जब एक खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को नई हवा दे दी. मंत्री के बयान के बाद बीजेपी के पूर्व चकराता विधानसभा प्रत्याशी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने सार्वजनिक रूप से पलटवार करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की , कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शिरकत की थी. इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने मंच से संबोधित करते हुए कह दिया था कि चकराता से अगली विधायक मधु चौहान होंगी. मंत्री चौधरी के इस बयान को क्षेत्र में बीजेपी की संभावित उम्मीदवार को लेकर संकेत के रूप में देखा जाने लगा।
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के इस बयान के कुछ ही समय बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. बीती 19 जुलाई को खत द्वार भंडारा में पहुंचे रामशरण नौटियाल ने कहा कि मंत्री को क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों की पूरी जानकारी नहीं है. उन्हें दूसरे की चिंता छोड़ अपनी टिकट बचानी चाहिए. उनके इस बयान को बीजेपी के भीतर संभावित दावेदारों के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के रूप में देखा जा रहा है.रामशरण नौटियाल ने इसपर तीखा बयान देते हुए कहा कि “यहां हमारे एक विद्वान मंत्री जी आए थे, उनको कुछ अता-पता नहीं है. उन्हें अपना टिकट बचाना चाहिए. मैं टिकट के पीछे कभी पागल नहीं रहा. मुझे जनता और भगवान पर भरोसा है. हमारे यहां चुनाव जनता तय करती है, मंत्री नहीं।
अब ताजा घटनाक्रम के बाद पॉलिटिक्स को समझने वाले इस ओर भी इशारा कर रहे हैं कि कांग्रेस भी चकराता में इस बड़े चेहरे को लेकर एक्टिव है और अंदरखाने कोई खिचड़ी भी पकाई जा रही है जिसमें सम्भावना है कि रामशरण और कांग्रेस एक साथ मिल जाएं , हांलाकि ये अभी कयास हैं लेकिन राजनीति में चुनावी दहलीज पर कौन किस चौखट सरक जाए कहना मुश्किल है।

