Dhurandhar : 3000 करोड़ वाली धुरंधर को ऑस्कर ज्यूरी में मिले 4 वोट :- रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ और इसका सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इस साल की चर्चित फिल्मों में रहे. दोनों फिल्मों को भारत की ओर से 2027 के ऑस्कर में भेजे जाने वाली फिल्मों की दौड़ में शामिल किया गया था. हालांकि, ज्यूरी की अंतिम पसंद में दोनों जगह नहीं बना सकीं. अब ज्यूरी सदस्य विवेक वासवानी ने बताया है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. उन्होंने बताया कि ज्यूरी की नजर में ये फिल्में ऑस्कर के लिए सही दावेदार नहीं थीं. उनके मुताबिक, फिल्में उस तरह भारतीय संस्कृति को सामने नहीं रखती थीं, जैसा ज्यूरी भारत की आधिकारिक एंट्री के लिए तलाश रही थी।
‘धुरंधर’ को मिले सिर्फ 4 वोट
14 सदस्यों वाली ज्यूरी में ‘धुरंधर’ को सिर्फ चार वोट मिले. विवेक वासवानी के मुताबिक, फिल्म को ज्यूरी ने ऑस्कर के दावेदार के तौर पर नहीं देखा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैसला फिल्म की लोकप्रियता या उसकी व्यावसायिक सफलता के आधार पर नहीं था, बल्कि यह देखा गया कि भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर फिल्म देश की संस्कृति और पहचान को किस तरह पेश करती है।
इस साल कुल 33 फिल्मों को ऑस्कर की दौड़ में शामिल किया गया था. इनमें 14 हिंदी, चार मराठी, चार तेलुगु, चार गुजराती, तीन तमिल और एक-एक मलयालम और नागामीज फिल्म शामिल थी।
इन तीन फिल्मों तक पहुंची ज्यूरी की पसंद
ज्यूरी की अंतिम तीन फिल्मों में ‘गोंधल’, ‘अंघ’ और ‘मैं वापस आऊंगा’ शामिल थीं. आखिरकार संतोष डावखर की मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ को भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया. फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में 2027 के 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।
‘गोंधल’ महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधळ लोक कला और धार्मिक अनुष्ठान की पृष्ठभूमि पर बनी थ्रिलर है. फिल्म की कहानी में स्थानीय परंपरा, मानवीय भावनाएं और ग्रामीण महाराष्ट्र की संस्कृति देखने को मिलती है. इसी सांस्कृतिक जुड़ाव को फिल्म की खासियतों में गिना गया है।

