HarishRawat : सभी पद छोड़ने पर अड़े हरीश रावत :- उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को लेकर पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है. सूचना है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को पत्र भेजा था, जो अब आधिकारिक तौर पर प्रदेश अध्यक्ष को मिल गया है. यह भी कहा जा रहा है कि लेटर में रावत ने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य पद छोड़ने की बात कही है. बताया जा रहा है कि हरीश रावत ने यह कदम अपने पूर्व ओएसडी और वर्तमान पीए चंदन सिंह जीना के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उठाया।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हरीश रावत ने कहा है कि आगामी चुनाव को लेकर कांग्रेस की मुहिम पर उनकी वजह से किसी तरह का व्यवधान न आए, इसलिए उन्होंने पार्टी को इस स्थिति से मुक्त करने के लिए इस्तीफे की पेशकश की है.उन्होंने यह भी कहा कि अपने कर्मों की लड़ाई वह खुद लड़ेंगे और उनकी वजह से पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
रावत ने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्य पद से इस्तीफे की पेशकश प्रदेश अध्यक्ष को की है. इसके अलावा वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से भी इस्तीफे की पेशकश करने की बात कह चुके हैं. अब प्रदेश स्तर पर उनके पत्र को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, यह पार्टी नेतृत्व के रुख पर निर्भर करेगा।
दरअसल, 10 सितंबर को ईडी ने उत्तराखंड में 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई ठिकानों पर तलाशी ली थी. इनमें हरीश रावत के पूर्व ओएसडी और वर्तमान पीए चंदन सिंह जीना का देहरादून स्थित आवास भी शामिल था. ईडी के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, लगभग 200 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं. एजेंसी ने परिवार के बैंक खातों में मौजूद करीब 52.16 लाख रुपये की रकम फ्रीज किए जाने की भी जानकारी दी थी. जांच अभी जारी है।
ईडी की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने चंदन सिंह जीना के साथ अपने पुराने संबंधों को स्वीकार करते हुए जांच में लगाए गए आरोपों पर असहमति जताई थी. रावत ने कहा था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है और उसमें जीना की भूमिका सामने आती है, तो वह उसका सामना करेंगे, लेकिन उन्होंने आरोपों पर अविश्वास जताया. अब इस्तीफे की पेशकश का पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक पहुंचने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है. प्रदेश नेतृत्व के फैसले के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि हरीश रावत की संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर पार्टी आगे क्या रुख अपनाती है।

