UttarkashiTilwaraRoad : नेशनल हाइवे बनेगी उत्तरकाशी-तिलवाड़ा रोड :- उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर उत्तरकाशी–कमद–अयारखाल–बूढ़ाकेदार–चमियाला–घनसाली–तिलवाड़ा मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) घोषित करने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि इस प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी के पास आवश्यक कार्रवाई और विचार के लिए भेज दिया गया है।
उत्तरकाशी-तिलवाड़ा रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का प्रस्ताव आगे बढ़ा
नितिन गडकरी ने अपने पत्र में बताया कि उत्तरकाशी-कमद-अयारखाल-बूढ़ाकेदार-चमियाला-घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग को ऑलवेदर रोड यानी चारधाम परियोजना से जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। इस प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी को परीक्षण और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। सरकार की इस पहल को उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
चारधाम यात्रा और पर्वतीय कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा
अगर यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित होता है तो उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग के बीच सड़क संपर्क को काफी मजबूती मिल सकती है। खासकर चारधाम यात्रा के दौरान इस मार्ग की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। बेहतर सड़क सुविधा का असर सिर्फ यात्रियों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय लोगों के आवागमन, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्र की दूसरी आर्थिक गतिविधियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। सीमांत और दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से वहां के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार के सामने लगातार प्रस्ताव रखते रहे हैं। उनका जोर प्रदेश में सुरक्षित, बेहतर और सालभर चालू रहने वाली सड़क कनेक्टिविटी विकसित करने पर रहा है। उत्तरकाशी-कमद-अयारखाल-बूढ़ाकेदार-चमियाला-घनसाली-तिलवाड़ा मार्ग को लेकर केंद्र की ओर से प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाना इसी प्रयास की अगली कड़ी माना जा रहा है।
हालांकि, प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी के पास भेजे जाने के बाद अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिल गया है। अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर होने वाली निर्धारित प्रक्रिया और तकनीकी परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल नितिन गडकरी की ओर से प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कदम है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग के बीच सड़क नेटवर्क को नया विस्तार मिलने के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों की चारधाम और अन्य प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी भी मजबूत हो सकती है।

