मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ रैनी आपदा में लापता हुए शवों की बरामदगी और उनका अंतिम संस्कार करने के संबंध में दिल्ली निवासी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।
दिल्ली निवासी आचार्य अजय गौतम ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।
जिसमें कहा गया था कि रानी गांव में धौलीगंगा नदी में बाढ़ के बाद से कई लोग लापता हैं।
अधिकारियों ने 206 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
यह कहते हुए कि राज्य सरकार ने आपदा के बाद से लापता शवों की तलाश नहीं की।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि क्षेत्र से 122 लोग अभी भी लापता हैं।
उन्होंने आगे तर्क दिया है कि लापता व्यक्तियों के शवों को बरामद करना और उनका अंतिम संस्कार करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

