काठगोदाम के सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए धामी ने कुमाऊं आयोग और महानिरीक्षक को निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएम ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से राज्य के बाहर से उत्तराखंड पहुंचने वाले असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना जरूरी है।
इसके लिए पुलिस, वन व अन्य विभागों को अलर्ट रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए समय-समय पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए।
धामी ने आगे जोर देकर कहा कि अधिकारियों को जन शिकायतों के निवारण को अपना कर्तव्य मानते हुए ईमानदारी और उत्सुकता से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अधिकारी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर विकास कार्यों को गति प्रदान करें।
धामी ने अधिकारियों से कहा कि वे आम जनता और जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल को सकारात्मक दृष्टिकोण से सुनने के बाद जनता की शिकायतों का समाधान करते हुए उठाएं।
उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी विभाग को अपनी जिम्मेदारी दूसरे विभाग पर नहीं डालनी चाहिए क्योंकि इससे भी कार्यों में देरी होती है।
उन्होंने विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जोर दिया कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर वन विभाग की आपत्तियों के कारण लम्बित विकास परियोजनाओं का सरलीकृत समाधान सुनिश्चित करायें, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

