राज्य सरकार पिछले दो वर्षों में गैरसैंण में एक भी सत्र आयोजित करने में विफल रही है।
रावत ने कहा कि उत्तराखंडियत और गैरसैंण दो प्रमुख विषय हैं जिन पर उनके नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने काम किया।
उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चमोली कांग्रेस के अध्यक्ष मुकेश नेगी और अन्य लोग रावत के साथ थे।
पीसीसी अध्यक्ष करण महरा ने गैरसैंण में पूर्व मुख्यमंत्री को शांतिपूर्ण धरना देने से रोकने के लिए धामी सरकार द्वारा दमनात्मक कदम उठाने की निंदा की।
उन्होंने देहरादून में कहा कि राज्य सरकार गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित नहीं कर राज्य के कार्यकर्ताओं और राज्य के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर एक भी मंत्री गैरसैंण में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए गैरसैंण नहीं गया जो सरकार की गैरसैंण के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

