RedAlertUttarakhand : उत्तराखंड में 18 घंटे भारी ! बारिश का रेड अलर्ट :- उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले 18 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और चमोली समेत कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर आने की संभावना है. यह मौसम संबंधी चेतावनी 1 सितंबर की शाम 3:58 बजे से 2 सितंबर दिन तक प्रभावी रहने की बात कही गई है।
नैनीताल और अल्मोड़ा के लिए रेड अलर्ट
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नैनीताल और अल्मोड़ा के कुछ इलाकों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है. चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैती, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट समेत आसपास के क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब रहने की आशंका है. तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
स्कूल बंद करने के आदेश
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं. मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है. संवेदनशील इलाकों में SDRF की टीमों को भी तैयार रखा गया है. लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें।
पिथौरागढ़ में 17 सड़कें बंद, 400 से ज्यादा वाहन फंसे
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में सोमवार रात से लगातार तेज बारिश हो रही है. भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है. पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग समेत जिले की करीब 17 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है. मुन्ना बैंड के पास भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई. इसके चलते टैक्सी, बस और ट्रकों समेत 400 से अधिक वाहन अलग-अलग स्थानों पर फंस गए हैं. प्रशासन सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहा है।

