कभी वो खुद कह देते हैं तो कभी उनकी एक्टिविटी अजब गजब नज़र आती है।
कोंदा झिंगोरा , गाड़ गदेरे की तरफदारी करते हुए उत्तराखंड ने सीएम से केंद्रीय मंत्री रह चुके हरीश रावत के तमाम रंग देखे हैं लेकिन उनके मन में क्या चल रहा है ये अंदाज़ा उनका साया भी नहीं लगा सकता है।
हरदा की अजबगज़ब राजनीति योगा करते हरदा, भुट्टा भूनते हरदा, बीच सड़क बैठ धरना देते हरदा, आपने ऐसे न जाने कितने रंग देखे होंगे लेकिन क्या यकीन करेंगे कि अब हरदा दुकान खोलने जा रहे हैं वो भी भरे बाजार में !
अजबगज़ब राजनीति मैं प्रातः 11 बजे से गांव में लोगों को काफल की दावत दूंगा और अपराह्न 3 बजे भतरौजखान जो हमारे गांव का बाजार है।
वहां पर सांकेतिक रूप से काफल बेचूंगा।
आप सबसे मेरा आग्रह है कि अपने गांव में जाइए श्री नरेंद्र सिंह नेगी का “ठंडो-ठंडो पानी पीजिए और काफल का स्वाद लीजिए”, पेट की सारी समस्याओं का समाधान निकल आएगा; हरदा
इसके साथ साथ आपको बता दें कि 2024 का आम चुनाव करीब है और 5 सीटों वाले उत्तराखंड में अब असली खेल शुरू होगा जब बात उम्मीदवारी की होगी।
अंदरखाने खबर है कि हरदा के हरिद्वार से दावेदारी पर जितने लोग खुश होंगे उससे कहीं ज्यादा आँखे तरेरेंगे।
ऐसे में उनका कभी हैंडपंप पर नहाना हो या धरने में योगा करना हो या फिर अब काफल बेचने का एलान , ये महज़ अटेंशन स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं।
ये हम नहीं जनता कहती है। क्योंकि राजनीति में कहा जाता है कि सत्ता और कुर्सी पाने के लिए जनहित के मुद्दों पर संघर्ष किया जाता है।
लेकिन यहाँ तो दोनों ही तरफ से नेता सोशल मीडिया पर उत्तराखंडियत का झंडा उठाते हैं और फोटो पॉलिटिक्स कर इतिश्री कर लेते हैं।

