By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: धनतेरस में क्यों पूजे जाते हैं भगवान धन्वंतरि
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > Uncategorized > धनतेरस में क्यों पूजे जाते हैं भगवान धन्वंतरि
राष्ट्रीय

धनतेरस में क्यों पूजे जाते हैं भगवान धन्वंतरि

धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा – जानें इसका धार्मिक और स्वास्थ्य लाभ.

admin
Last updated: 2025/12/02 at 12:47 PM
admin
Share
3 Min Read
भगवान धन्वंतरि पूजा
भगवान धन्वंतरि पूजा
SHARE
Highlights
  • धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा क्यों है शुभ? जानिए इसके पीछे का रहस्य
  • भगवान धन्वंतरि की पूजा से जुड़ी धनतेरस की अनसुनी बातें.
  • भगवान धन्वंतरि की पूजा से जुड़ी धनतेरस की अनसुनी बातें.
  • धनतेरस पर धन्वंतरि पूजा का महत्व.
  • क्यों करते हैं धनतेरस पर धन्वंतरि की पूजा?
  • धनतेरस और भगवान धन्वंतरि की पूजा का रहस्य.

 भगवान धन्वंतरि पूजा  : भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक माना जाता है और वे स्वास्थ्य, आरोग्य और चिकित्सा के देवता हैं, हिंदू धर्म के अनुसार, धन्वंतरि का जन्म समुद्र मंथन के दौरान हुआ था, वे हाथ में अमृत का कलश लिए हुए प्रकट हुए थे। आयुर्वेद के विकास और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण, उन्हें चिकित्सा विज्ञान का जनक कहा जाता है, हिंदू मान्यताओं के अनुसार, धन्वंतरि की पूजा करने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्वास्थ्य, सुख, और शांति बनी रहती है।

भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति का समय

भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई मानी जाती है, समुद्र मंथन एक पौराणिक घटना है जिसमें देवताओं और असुरों ने मिलकर अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र का मंथन किया था।इस मंथन के दौरान कई महत्वपूर्ण वस्तुएं और शक्तियां प्रकट हुईं, जिनमें से भगवान धन्वंतरि भी एक थे, जब भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए, देवताओं ने उनसे अमृत प्राप्त कर अमरत्व की प्राप्ति की। भगवान धन्वंतरि ने मानव जाति को रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए आयुर्वेद का ज्ञान दिया उनके द्वारा बताए गए आयुर्वेद के सिद्धांत प्राकृतिक उपचारों और जड़ी-बूटियों पर आधारित हैं, उनका मानना था कि मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, और आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग महत्वपूर्ण है।

भगवान धन्वंतरि ने आयुर्वेद में त्रिदोष सिद्धांत का विस्तार किया जिसमें वात, पित्त और कफ तीन दोष माने गए हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इन दोषों के संतुलन से ही स्वास्थ्य बना रहता है, धन्वंतरि के सिद्धांत आज भी आयुर्वेदिक चिकित्सा में प्रासंगिक हैं और उनके द्वारा बताए गए उपायों का उपयोग रोगों की रोकथाम और इलाज में किया जाता है। भगवान धन्वंतरि का जन्मोत्सव धनतेरस के दिन मनाया जाता है, जो दीपावली से दो दिन पहले आता है, इस दिन धन और स्वास्थ्य की देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा का भी विशेष महत्व है, लोग इस दिन स्वास्थ्य, समृद्धि, और जीवन में सुख-शांति की कामना के साथ भगवान धन्वंतरि की आराधना करते हैं, ऐसा माना जाता है कि उनकी पूजा से रोग और दुख दूर होते हैं।

You Might Also Like

SilverPriceRecord3Lakh : पहली बार 3 लाख किलो के रिकॉर्ड स्तर को पार हुई चांदी

IndiaTechLeadership : प्रौद्योगिकी में दुनिया का नेतृत्व करेगा भारत – मोदी

GyanGanj : रहस्यमय शहर, जहाँ कोई नहीं मरता !

RahulGandhi : राहुल गांधी हिंदू नहीं, उन्हें राम मंदिर में न घुसने दिया जाए

padriVsNun : पादरी और नन में क्या अंतर होता है  ?

TAGGED: khoji narad news, khojinarad breking news

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin December 2, 2025 October 29, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article जिम कार्बेट कैसे बने उत्तराखंड की पहचान शेर दिल शिकारी जिम कार्बेट कैसे बने उत्तराखंड की पहचान ?
Next Article नामांकन के बाद आशा और मनोज ने ठोंका जीत की दावा नामांकन के बाद आशा और मनोज ने ठोंका जीत की दावा

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

NandaDeviYatra2027
NandaDeviYatra2027 : अब 2027 में निकलेगी नंदा देवी राजजात यात्रा
उत्तराखण्ड January 21, 2026
GreenCessVehicles
GreenCessVehicles : उत्तराखंड  सरकार अलर्ट – ई-डिटेक्शन प्रणाली शुरू
देहरादून January 21, 2026
UttarakhandPolicy
UttarakhandPolicy : उत्तराखंड को लीद नहीं, नीति चाहिए – यशपाल आर्य
उत्तराखण्ड January 21, 2026
UttarakhandNews
UttarakhandNews : इंदिरा कैंटीन बंद करने पर पूर्व सीएम नाराज
Uncategorized January 21, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?