अशुभ क्यों होता है खरमास ? : हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना गया है और साल में दो बार खरमास लगता है. पंचांग के अनुसार जब सूर्य देवता देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु व मीन में प्रेवश करते हैं तब खरमास लगता है और यह 30 दिन यानि एक महीने तक रहता है. खरमास के दिनों में कोई भी मांगलिक कार्य जैसे कि गृह प्रवेश, मुंडन, शादी-विवाह या जनेऊ संस्कार आदि नहीं किए जाते. आइए जानते हैं इस बार कब लगने जा रहा है साल का पहला खरमास और इस दौरान क्यों नहीं होते शुभ कार्य?
कब लगेगा खरमास 2025?
वैदिक पंचांग के अनुसार फिलहाल सूर्य देव कुंभ राशि में स्थित हैं और 13 मार्च 2025 तक यहीं रहेंगे. इसके बाद 13 मार्च को रात 8 बजकर 54 मिनट पर सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे. यानि साल का पहला खरमास 14 मार्च 2025 से शुरू होगा और 13 अप्रैल 2025 को समाप्त होगा।
खरमास के दिनों में सूर्यदेव धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं. इसके चलते बृहस्पति ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है. वहीं, गुरु ग्रह को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है. लड़कियों की शादी के कारक गुरु माने जाते हैं. गुरु कमजोर रहने से शादी में देर होती है. साथ ही रोजगार और कारोबार में भी बाधा आती है. इसके चलते खरमास के दिनों में कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
खरमास में न करें ये काम
हिंदू धर्म में खरमास को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है. क्योंकि इस दौरान धनु राशि में सूर्य के होने से स्थितियां बिगड़ जाती हैं. अगर इस दौरान आप कोई शुभ या मांगलिक कार्य करते हैं तो वह कार्य खराब हो जाते हैं. अगर आप कोई नया बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो भूलकर भी खरमास के महीने में शुरुआत न करें. क्योंकि इससे आपको नुकसान ही होगा. इसलिए खरमार के दिनों में शुभ व मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है।

