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khojinarad HIndi News > राष्ट्रीय > लंग कैंसर की संख्या क्यों बढ़ रही है? कम उम्र में नहीं होती बीमारी,,जानें एक क्लिक में..
राष्ट्रीय

लंग कैंसर की संख्या क्यों बढ़ रही है? कम उम्र में नहीं होती बीमारी,,जानें एक क्लिक में..

admin
Last updated: 2025/12/02 at 12:47 PM
admin
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3 Min Read
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फेफड़ों के कैंसर का खतरा वैसे तो 65 साल से ज्यादा उम्र वालों में ज्यादा देखा जाता है लेकिन आजकल 45 साल से कम उम्र वाले भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

सिगरेट पीने यानी स्मोकिंग करने वालों को ही लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर होता है. इस बात को हम सभी सुनते रहते हैं लेकिन ये पूरी तरह सच नहीं है।

कई रिसर्च में पाया गया है कि स्मोकिंग न करने वालों को भी इसका खतरा है।

ये इतनी गंभीर बीमारी है कि हर साल इससे लाखों मौतें हो जा रही हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैसे तो लंग कैंसर का खतरा 65 की उम्र के बाद ज्यादा देखा जाता है लेकिन आजकल 45 की उम्र से कम वाले भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

इसके एक नहीं कई कारण है. सबसे बड़ा कारण इस बीमारी को लेकर कुछ मिथ है, जिससे लोग लंग कैंसर को सही तरह नहीं समझ पाते हैं और बाद में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

स्मोकिंग करने वालों को ही होता है लंग कैंसर : हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सही है कि सिगरेट पीने यानी स्मोकिंग लंग कैंसर का एक प्रमुख कारण है लेकिन सिर्फ इसी वजह से फेफड़ों का कैंसर है।

यह बात सही नहीं है. पॉल्यूशन, सेकेंड हैंड धूम्रपान, फैमिली हिस्ट्री वालों में भी इसका खतरा देखा गया है।

लंग कैंसर होने पर मौत होना तय है : लंग कैंसर बेहद खतरनाक है, हालांकि, समय पर पहचान कर इसका इलाज संभव है और लाइफ भी।

समय पर इलाज करने पर पुरुषों में 5 साल जिंदा रहने का रेट 18% और महिलाओं में 25% है. यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स फेफड़ों को हेल्दी रखने और इन लक्षणों पर ध्यान देने के लिए कहते हैं।

ज्यादा उम्र में ही फेफड़ों का कैंसर होता है : जानकारी के अनुसार,,अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंग कैंसर का खतरा ज्यादातर 65 साल से ज्यादा उम्र वालों में होता है लेकिन कुछ कारणों की वजह से कम उम्र वाले भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

इसलिए सिर्फ ये नहीं मानना चाहिए कि फेफड़ों का कैंसर सिर्फ ज्यादा उम्र में ही होता है. कैंसर को ध्यान में रखते हुए कम उम्र में ही इससे बचने के उपाय करने चाहिए।

फेफड़ों के कैंसर में जिंदा रह पाना संभव नहीं है : हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लाइफस्टाइल और खानपान को बेहतर बनाकर कई तरह के गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

लंग कैंसर के रिस्क को कम करने में ये मददगार हो सकते हैं. ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाने और सांस लेने की आदतों से खुद को हेल्दी बनाया जा सकता है।

इसके लिए अलावा एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटीकैंसर गुणों वाले फ्रूट्स खाने से भी कई तरह के कैंसर से बच सकते हैं।

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