यह ख़बर भी पढ़ें :- सरसों का तेल और लहसुन के फायदेउन्होंने सेन्टर में स्मार्ट टीवी, बच्चों हेतु ज्ञान वर्धक कामिक्स, किताब, वाईटबोर्ड, लाईब्रेरी कार्नर बाला फर्नीचर, आदि वस्तुएं रखी जाए जिससे बच्चे खेल-खेल में शिक्षा के साथ ही विभिन्न एक्टिविटी से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि सेंटर की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु जिला योजना से बजट की स्वीकृति। उन्होंने बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए किए आधुनिक डे-केयर सेंटर हेतु जो भी आवश्यकता हो उसी सूची बनाएं। विगत वर्ष 58 आगंबाड़ी केन्द्रों को होईटैक करते हुए एलपीजी, बिजली कनैक्शन, बालाफर्नीचर, डिजिटल लर्निंग सुविधा, लाईबे्ररी कार्नर, शिक्षाविद पेंटिंग सहित अपग्रेड किया गया तथा जिलें में इस वर्ष 150 आंगनबाड़ी केन्दों को अपग्रेड किया जा रहा है।
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यह ख़बर भी पढ़ें :- केला खाने के अचूक फायदेजिलाधिकारी ने सेन्टर में स्टाॅफ व बच्चों की संख्या कम होने का कारण पूछा जिस पर बताया गया कि यह सेंटर डे केयर के साथ ही मार्डन आंगनबाड़ी केन्द्र भी है वर्तमान में यहां अर्बन आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की भर्ती निदेशालय स्तपर पर प्रस्तावित है स्टाॅफ मिलने से जहाँ केन्द्र सुविधा बढेगी वहीं बच्चो की संख्या भी बढेगी। जिलाधिकारी ने सेन्टर में स्टाॅप बढाने हेतु निदेशक बाल विकास विभाग से पत्राचार करने की बात कही। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीडीपीओ डाॅ शिखा कंडवाल सहित सम्बन्ध्तिा अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

