रिज़ॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी हत्याकांड में फैसला ! : उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दो वर्षों से अधिक समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया आज कोर्ट ने अपना निर्णायक फैसला सुना दिया है। कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने इस पर फैसला सुनाते हुए तीनों ही दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है आपको बता दें कि अंकिता के परिजनों से लेकर हर प्रदेशवासियों और सभी राजनीतिक दलों की भी निगाहे कोर्ट के इस फैसले पर टिकी हुई थी।
जानिए क्या था अंकिता हत्याकांड मामला
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट गांव की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास गंगा भोगपुर में वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम किया करती थी. बीते 18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक रिसोर्ट से लापता हो गई. परिजनों ने राजस्व पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन उचित कार्यवाही ना होने के चलते. 21 सितंबर 2022 को मामला लक्ष्मण झूला थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया।
भाजपा ने पार्टी से निकाला
21 सितंबर 2022 को मुख्य आरोपी रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और डिप्टी मैनेजर अंकित गुप्ता की गिरफ्तारी हुई. बीते 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव ऋषिकेश की चीला नहर से बरामद हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत और शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए. 24 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर SIT का गठन किया गया. अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्य, और उसके भाई अंकित आर्य को पद मुक्त करते हुए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया।
500 पन्ने की चार्जशीट , 97 गवाह
फिर दिसंबर 2022 में SIT टीम ने तीनों आरोपियों के खिलाफ 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाह शामिल किए गए. 28 मार्च 2023 कोटद्वार के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई. लगभग 2 साल दो महीने कोर्ट में सुनवाई के बाद आज ये जजमेंट आया है। जजमेंट के दौरान तीनों आरोपियों समेत अंकिता के परिजन भी कोर्ट में मौजूद थे .अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक प्रभाव और न्याय प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

