Vaishno Devi Landslide: भारी बारिश से तबाही, 33 की मौत – बचाव अभियान जारी :- जम्मू कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी है, कटरा स्थित माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भीषण भूस्खलन हुआ है, इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम तैंतीस लोगों की मौत और तेईस से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, ये हादसा बुधवार को हुआ, जब त्रिकुट पहाड़ी पर स्थित तीर्थस्थल का रास्ता अचानक भूस्खलन से बर्बाद हो गया, बताया जा रहा है कि इससे पहले मंगलवार को भी इसी मार्ग पर भूस्खलन हुआ था।
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जिसमें 9 लोगों की जान गई और 21 लोग घायल हुए थे, अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है, जम्मू और कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है, पुल टूट गए, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर गिर गए, सिर्फ मंगलवार को ही जम्मू में छह घंटे में बाईस सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे बडा रिकॉर्ड है, हालांकि आधी रात के बाद बारिश कुछ कम हुई, जिससे थोडी राहत मिली, अब तक तीन हज़ार पाँच सौ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जिला प्रशासन, जम्मू कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय लोग मिलकर लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं, लोगों को अस्थायी आश्रयों में रखा जा रहा है, जहां उन्हें भोजन, पानी और दवाइयां दी जा रही हैं, लेकिन संचार सेवाओं के बाधित होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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भारी बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी पडा है, 22 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और 27 को बीच में ही रोकना पडा, कटरा, जम्मू और उधमपुर से चलने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं, जिसमें वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली नौ ट्रेनें भी शामिल हैं, इसके अलावा, पठानकोट और हिमाचल प्रदेश के कांद्रोरी के बीच का पुल बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया।
जिसकी वजह से रेल सेवा रोक दी गई, हालांकि, कटरा श्रीनगर मार्ग फिलहाल अप्रभावित है, वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए इस भूस्खलन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को झकझोर दिया है, अब सबकी निगाहें राहत और बचाव कार्य पर टिकी हैं, अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

