स्थानीय प्रशासन ने साफ कह दिया है कि ऐसी किसी गतिविधि की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। आवश्यकता पड़ी तो धारा 144 भी लगाई जा सकती है।
उधर, देहरादून में भी मुस्लिम समुदाय ने 18 जून को महापंचायत का ऐलान कर दिया है। पुरोला के ग्राम प्रधानों के संगठन ने 15 जून को महापंचायत का ऐलान किया था।
लेकिन सरकार का सख्त रुख देखते हुए मंगलवार को प्रधान संगठन बैकफुट पर आ गया।ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष अंकित रावत ने आज एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि महापंचायत को लेकर प्रधान संगठन किसी प्रकार की अगुवाई नहीं करेगा।
क्षेत्रीय हित में वह जनता के साथ हैं। महापंचायत में अगर कोई कानून का उल्लंघन होता है तो उसमें उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी।
प्रधान संगठन का अभद्रता करने वालों से कोई ताल्लुक नहीं रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वाले की स्वयं की जिम्मेदारी होगी।
इधर, विश्व हिंदू परिषद ने पुरोला में प्रशासन को महापंचायत की सूचना दी। यह भी कहा कि इसमें जिला मुख्यालय से भी हिन्दू परिषद के नेताओं के आने की संभावना है।
एसपी अर्पण यदुवंशी ने कहा कि महापंचायत को लेकर किसी भी संगठन को अनुमति नहीं दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो धारा 144 लागू की जाएगी। जो भी महापंचायत करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

