रिस्पांस टाइम शानदार, मुख्यमंत्री ने सराहा :- जिलाधिकारी संदीप तिवारी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव दलों ने क्विक रिपांस करते हुए घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए थे। उन्होंने कम रिस्पांस टाइम के लिए सभी की सराहना की। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद जहां राहत और बचाव दल आपदा से प्रभावितों की मदद करने में जुटे तो वहीं दूसरी तरफ विद्युत तथा संचार आपूर्ति को भी कुछ ही घंटे में बहाल कर दिया गया। उन्होंने इसके लिए जिलाधिकारी संदीप तिवारी तथा पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं सड़कें, जल्द खोलें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल्द से जल्द थराली के आसपास बंद सड़कों को खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भी सड़क बंद हैं उन्हें जल्द से जल्द ठीक करते हुए यातायात हेतु बहाल किया जाए। उन्होंने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के अधिकारियों को भी उनके नियंत्रण में बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि सामरिक दृष्टि से भी इन सड़कों का शीघ्र खोल जाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के स्तर से बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन को सभी प्रकार का सहयोग प्रदान करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए हैं। यदि उन्हें किसी भी प्रकार के संसाधनों अथवा उपकरणों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए तो वह राज्य सरकार द्वारा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
सचिव आपदा प्रबंधन ने दी रेस्क्यू अभियान की जानकारी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से थराली में शनिवार को संचालित राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र तुरंत एक्टिवेट हुआ। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से घटना की जानकारी लेते हुए तुरंत एसडीआरएफ, एनडीआरफ, आइटीबीपी, एसएसबी आदि को ग्राउंड जीरो के लिए रवाना होने को कहा गया। इसके साथ ही जिलाधिकारी तथा एसपी चमोली के नेतृत्व में जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ ने तड़के ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ कर दिए थे। उन्होंने बताया कि इस आपदा में डेढ़ सौ लोग प्रभावित हुए हैं तथा उनके रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इस दुखद हादसे में एक 20 वर्षीय किशोरी की मृत्यु हुई है जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए रेस्क्यू टीम युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं।
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उच्च हिमालयी क्षेत्रों का अध्ययन करने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धराली, थराली और स्यानाचट्टी की आपदाओं में एक बात कॉमन है और वह यह है कि तीनों ही घटनाओं में पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना आवश्यक है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मोरेन कितनी मात्रा में जमा हो रहे हैं। उन्होंने इसके लिए वाडिया, आईआईआरएस, आईआईटी, एनआरएससी जैसे शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक उच्च स्तरीय टीम बनाकर अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वे भारत सरकार से भी अनुरोध करेंगे कि सभी हिमालयी राज्यों में इस तरह का अध्ययन किया जाए ताकि इनके कारणों को समझा जा सके और भविष्य में होने वाली आपदाओं से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

