रम पिलाने वाला खुद था चाय का शौकीन :- Old Monk: कोई भी बार देश की सबसे प्रसिद्ध रम ओल्ड मॉन्क (Old Monk) की बोतल के बिना पूरा नहीं हो सकता. कोई ऐसा व्यक्ति जिसे ओल्ड मॉन्क पसंद है, उसे कोई दूसरी रम पिलाना मुश्किल काम है. ओल्ड मॉन्क को पसंद करने वाले इसके प्रति जबदस्त वफादार हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि सात दशक पहले लॉन्च होने के बाद से ये प्रोडक्ट एकदम नहीं बदला है. इस बात ने ग्राहक लॉयलिटी बनाए रखने के मामले में ब्रांड के पक्ष में काम किया है. ओल्ड मॉन्क एक बेहतरीन रम है जो अपने बेजोड़ स्वाद के लिए जानी जाती है।
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लगभग एक दशक पहले सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई थी कि मोहन मीकिन लिमिटेड ओल्ड मॉन्क को बनाना बंद करने जा रहा है. इसके चाहने वाले बैचेन हो गए. उसके बाद कंपनी के मैनेजमेंट को सफाई देनी पड़ी कि उनके पसंदीदा ब्रांड को बाजार से हटाया नहीं जाएगा. कंपनी ने कहा कि ओल्ड मॉन्क अभी भी भारत की पसंदीदा रम है और यह कहीं नहीं जा रही है. उन्होंने कहा कि ओल्ड मॉन्क मोहन मीकिन का गौरव है. हालांकि तब कुछ लोग इसे मार्केटिंग स्टंट भी मान रहे थे. लेकिन हकीकत यह है कि मोहन मीकिन के चेयरमैन कपिल मोहन ने 2012 के बाद से ओल्ड मॉन्क के प्रचार को बंद कर दिया था. एक इंटरव्यू में उन्होंने ये साफ किया था कि वे इसलिए विज्ञापन नहीं करेंगे क्योंकि वे चाहते हैं कि लोग इसे पिएं और खुद बताएं यह कैसी है।
इस रम के बारे में एक चीज जो हमेशा से रहस्य बनी हुई है, वह है इसका नाम. ओल्ड मॉन्क का मतलब क्या है? और इसका रम से क्या ताल्लुक है? दरअसल ओल्ड मॉन्क नाम को लेकर कई किंवदंतियां हैं. एक मान्यता यह है कि यह नाम रम के निर्माण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी के बैरल से लिया गया है. इन बैरल को अक्सर पुराने मठों में रखा जाता था, इसलिए उन्हें ‘ओल्ड मॉन्क’ कहा जाता था. किंवदंती यह भी है कि यह नाम रम के स्वाद से लिया गया है. ओल्ड मॉन्क में एक रिच और जटिल (Complex) स्वाद होता है, जो फल, मसालों और लकड़ी की वजह से आता है. इसको अक्सर ‘बूढ़े आदमी’ के स्वाद के रूप में वर्णित किया जाता है. इसलिए इसे ‘ओल्ड मॉन्क’ कहा जाता है. लेकिन ओल्ड मॉन्क के नाम को लेकर कोई निश्चित जवाब नहीं है. यह एक रहस्य है जो रम प्रेमियों को आकर्षित करता है।
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ओल्ड मॉन्क को लेकर एक दिलचस्प फैक्ट यह भी है कि पूरी दुनिया को मशहूर रम ब्रांड पिलाने वाले कपिल मोहन खुद टीटोलर थे. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शराब को हाथ तक नहीं लगाया. कपिल मोहन खुद चाय पीने के शौकीन थे. कपिल मोहन जब सेना की नौकरी से रिटायर हुए तो कुछ ही दिन बाद उनके बड़े भाई वेद रतन मोहन का निधन हो गया. जिसके कारण उन्हें कंपनी की बागडोर संभालनी पड़ी. हालांकि, ओल्ड मॉन्क 60 के दशक में ही लॉन्च हो चुकी थी, लेकिन 1973 में जब कपिल मोहन ने कंपनी संभाली तो इसे नई पहचान मिली. कपिल मोहन के नेतृत्व में यह ब्रांड देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फेमस हो गया. बता दें कि साल 2000 तक ओल्ड मॉन्क देश और दुनिया का सबसे मशहूर ब्लैक रम ब्रांड बना रहा. ओल्ड मॉन्क को वैसे वेद रतन मोहन की रचना माना जाता है।

