मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने रियल एस्टेट इन्वेस्टर्स के साथ एक बैठक की, जिसमें वे राज्य के अगले इन्वेस्टर समिट के बारे में चर्चा करने के लिए मिले।
मुख्यमंत्री ने इस समिट को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका देने का ऐलान किया है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश को बढ़ाने के लिए कई नई नीतियां बनाई जा रही हैं, और इसके लिए 27 नई नीतियां तैयार की गई हैं।
उन्होंने नीतियों के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया है और सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाने का प्रस्ताव दिया है।
धामी ने बताया कि रियल एस्टेट के क्षेत्र में आए सुझावों को भी महत्वपूर्ण ध्यान में रखा जा रहा है और इन सुझावों को कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने हाल के विकास प्रोजेक्ट्स को देखते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का सड़क, रेल, और हवाई कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हो रहा है और इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का राज्य में निवेश का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस प्रक्रिया की सराहना की और बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां तैयार की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों के श्रेणी में लाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
इस इन्वेस्टर समिट की बैठक में उत्तराखण्ड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में भी प्रस्तावित हैं और रियल एस्टेट के क्षेत्र में निवेश की अनेक संभावनाएं हैं।
धामी ने समग्र विकास के लिए सभी का योगदान देने की अपील की और इसे उत्तराखण्ड के आर्थिक विकास के सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना।

