भारत में इंटरनेट यूज़र्स की संख्या 100 करोड़ के पार :- भारत ने डिजिटल कनेक्टिविटी सेक्टर में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. दूरसंचार विभाग (TRAI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या जून 2025 की तिमाही में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है. मार्च 2025 के अंत तक यह संख्या 96.91 करोड़ थी, जो जून के अंत तक बढ़कर 100.28 करोड़ हो गई. यानी तीन महीनों में 3.48% की बढ़त दर्ज की गई।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि 100.28 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ताओं में से 95.81 करोड़ लोग वायरलेस इंटरनेट (मोबाइल और 5G FWA) पर निर्भर हैं, जबकि 4.47 करोड़ लोगों के पास वायर्ड इंटरनेट कनेक्शन है. यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि भारत में इंटरनेट की रीढ़ अब भी मोबाइल नेटवर्क ही है।
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वायर्ड और वायरलेस कनेक्शन का अंतर
TRAI के मुताबिक, 97.97 करोड़ उपभोक्ता ब्रॉडबैंड सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि नैरोबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 2.31 करोड़ है. यह भी संकेत देता है कि लोग अब हाई-स्पीड डेटा सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं. डिजिटल खाई (Digital Divide) तेजी से कम हो रही है. आंकड़ों के अनुसार, 57.94 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता शहरी इलाकों से आते हैं, जबकि ग्रामीण भारत भी पीछे नहीं है, जहां अब 42.33 करोड़ उपभोक्ता इंटरनेट से जुड़े हुए हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि वायरलेस सेवाओं से औसतन प्रति उपभोक्ता मासिक राजस्व (ARPU) ₹186.62 रहा. वहीं, हर उपभोक्ता ने औसतन 16.76 घंटे (करीब 1006 मिनट) कॉल पर बिताए. डेटा खपत के मामले में, प्रति उपभोक्ता औसतन मासिक 24.01 जीबी डेटा इस्तेमाल किया गया. प्रति जीबी डेटा से कंपनियों को औसतन ₹8.51 का राजस्व मिला।

