By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: इस मंदिर में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > राष्ट्रीय > इस मंदिर में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल
ओडिशा

इस मंदिर में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल

पुराणों के अनुसार, द्वापर युग में जब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण का अवतार लिया तो उनका मानव रूप भी जन्म और मृत्यु के नियमों से बंधा हुआ था.

admin
Last updated: 2025/08/28 at 6:27 AM
admin
Share
5 Min Read
इस मंदिर में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल
इस मंदिर में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल
SHARE
Highlights
  • भगवान श्रीकृष्ण का हृदय कैसे बचा रहा?
  • हर 12 साल में होने वाला ‘नवकलेवर’
  • मूर्ति बदलने के समय की रहस्यमयी अनुभूति.
  • आस्था का अद्भुत प्रतीक.

इस मंदिर में धड़कता है भगवान श्रीकृष्ण का दिल :- भारत रहस्यों और आस्थाओं की भूमि है. यहां ऐसे-ऐसे मंदिर मौजूद हैं जिनके चमत्कार और रहस्य आज भी विज्ञान से परे हैं. इन्हीं में से एक है ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर, जो न सिर्फ अपनी भव्यता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि उस अद्भुत रहस्य के लिए भी जाना जाता है, जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का हृदय आज भी धड़क रहा है।

Contents
भगवान श्रीकृष्ण का हृदय कैसे बचा रहा?जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा रहस्यहर 12 साल में होने वाला ‘नवकलेवर’मूर्ति बदलने के समय की रहस्यमयी अनुभूतिमंदिर से जुड़े अन्य रहस्यआस्था का अद्भुत प्रतीक

यह ख़बर भी पढ़ें :- भिंडी का पानी पीने के फायदे

भगवान श्रीकृष्ण का हृदय कैसे बचा रहा?

पुराणों के अनुसार, द्वापर युग में जब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण का अवतार लिया तो उनका मानव रूप भी जन्म और मृत्यु के नियमों से बंधा हुआ था. महाभारत युद्ध के लगभग 36 वर्ष बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपना देह त्याग दिया. पांडवों ने उनका अंतिम संस्कार किया, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उनका हृदय अग्नि में जल नहीं पाया. वह लगातार धड़कता रहा. यह देखकर पांडव अचंभित रह गए. कहा जाता है कि तभी आकाशवाणी हुई कि यह कोई साधारण हृदय नहीं, बल्कि ब्रह्म का हृदय है. इसे समुद्र में प्रवाहित करने का आदेश दिया गया. पांडवों ने वैसा ही किया और भगवान का हृदय समुद्र में प्रवाहित कर दिया।

जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा रहस्य

पुरी का जगन्नाथ मंदिर आज भी उस चमत्कार को संजोए हुए है. इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. लेकिन इनके पीछे छिपा रहस्य भक्तों और विद्वानों को आश्चर्यचकित करता है. कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में वही हृदय विराजमान है जिसे ब्रह्म पदार्थ कहा जाता है. यही कारण है कि भक्त मानते हैं, मंदिर के गर्भगृह में आज भी भगवान कृष्ण का हृदय धड़कता है।

यह ख़बर भी पढ़ें :- केला खाने के अचूक फायदे

हर 12 साल में होने वाला ‘नवकलेवर’

जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियाँ नीम की लकड़ी से बनाई जाती हैं. हर 12 वर्ष में ‘नवकलेवर’ नामक रस्म के तहत भगवान की मूर्तियों को बदला जाता है. इस दौरान सबसे रहस्यमय प्रक्रिया होती है. ब्रह्म पदार्थ को पुरानी मूर्ति से निकालकर नई मूर्ति में स्थापित करना।

कहा जाता है कि जब यह रस्म निभाई जाती है, उस दौरान पूरे शहर की बिजली काट दी जाती है. मूर्ति बदलने वाले पुजारियों की आंखों पर पट्टी बांध दी जाती है और हाथों में दस्ताने पहना दिए जाते हैं. मान्यता है कि अगर किसी ने गलती से भी इस रहस्य को देख लिया तो उसकी मृत्यु हो सकती है।

मूर्ति बदलने के समय की रहस्यमयी अनुभूति

रस्म निभाने वाले पुजारी बताते हैं कि जब भगवान का कलेवर बदला जाता है, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो मूर्ति के अंदर खरगोश फुदक रहा हो. यह अनुभव भक्तों के विश्वास को और गहरा कर देता है कि मूर्ति में आज भी श्रीकृष्ण का हृदय जीवित है और धड़कता है।

मंदिर से जुड़े अन्य रहस्य

जगन्नाथ मंदिर से कई और रहस्य भी जुड़े हैं. कहा जाता है कि मंदिर के सामने आते ही समुद्र की लहरों की आवाज़ सुनाई नहीं देती. यहां तक कि मंदिर का ध्वज भी हमेशा हवा की उल्टी दिशा में लहराता है. ये घटनाएं इस मंदिर को और भी अद्भुत और रहस्यमयी बना देती हैं।

आस्था का अद्भुत प्रतीक

जगन्नाथ मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास का प्रतीक है जो युगों से लोगों को भगवान से जोड़ता आया है. विज्ञान भले ही इन रहस्यों की सच्चाई खोजने में असमर्थ रहा हो, लेकिन श्रद्धालु मानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण का हृदय आज भी पुरी के इस पवित्र मंदिर में धड़कता है।

 

You Might Also Like

OperationSmileChamoli : चमोली में “ऑपरेशन स्माइल” फिर हुआ तेज

RudrakshaBenefits : क्यों पहनते हैं रुद्राक्ष ? जानें सब कुछ

PulwamaAttack : एक धमाका… और पूरे देश की धड़कन थम गई — और खुशियों से भरा दिन बदल गया मातम में

VedantaPhilosophy ; जीवन में वेदांत के अभ्यास के लाभ

LohriFestival2026 : लोहड़ी पर्व की अनसुनी कहानी

TAGGED: #BhaktiBhav, #BhaktiMovement, #BhaktiPath, #BlessedPlace, #CulturalIndia, #DevoteeLife, #DevotionalVibes, #DivineExperience, #DivineGrace, #DivineHeart, #DivineMystery, #EternalFaith, #FaithAndDevotion, #FaithUnites, #GodsAbode, #HeartfeltFaith, #HeartOfKrishna, #HinduCulture, #HolyExperience, #HolyLand, #HolyPilgrimage, #HolyShrine, #india, #IndianHeritage, #IndianSpirituality, #IndianTemples, #IndianTraditions, #KrishnaBhakti, #KrishnaPrem, #KrishnaTemple, #LordKrishna, #MiracleTemple, #MysticIndia, #MysticTemple, #PeacefulSoul, #PilgrimageSite, #SacredHeart, #SacredIndia, #SacredJourney, #SacredPlace, #SacredTruth, #SoulfulIndia, #SpiritualConnection, #SpiritualHealing, #SpiritualIndia, #SpiritualJourney, #SpiritualPeace, #TempleDiaries, #TempleOfMiracles, #TempleVibes, breaking news, EternalLove, Jagannath Temple, khoji narad, khoji narad breaking news, news

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin August 28, 2025 August 28, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article अब चुनावों के लिए कमर कसें नेता अब चुनावों के लिए कमर कसें नेता – कुमारी शैलजा
Next Article आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना हो रहा साकार आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना हो रहा साकार” – धामी

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

RanaBaaliFirstLook
RanaBaaliFirstLook : विजय देवरकोंडा की पहली फिल्म Ranabaali से फर्स्ट लुक आउट, यूजर्स को खटकी ये बात
मुंबई February 28, 2026
NandaDeviRajJaat
NandaDeviRajJaat : राजजात 2026 या 2027? बधाण में गहन मंथन
उत्तराखण्ड February 28, 2026
PurnagiriMela
PurnagiriMela : मां पूर्णागिरि मेला का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
खोजी नारद कहिंन February 28, 2026
UttarakhandPolitics
UttarakhandPolitics : धामी सरकार के फैसले को हरदा ने आड़े हाथों लिया
Uncategorized February 28, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?