ColdDrinkDanger : कोल्ड ड्रिंक और चिप्स का ‘जानलेवा’ है कॉम्बिनेशन :- मई और जून के महीनों में सूरज आग उगलता है। उत्तर भारत सहित देश के कई राज्य इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। तापमान 45 डिग्री के पार जा रहा है। ऐसे मौसम में शरीर से पसीने के रूप में भारी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोग इस गर्मी से राहत पाने के लिए तुरंत किसी ठंडे पेय पदार्थ की तलाश करते हैं और अज्ञानता वश कोल्ड ड्रिंक (Cold Drinks) का सहारा लेते हैं। इसके साथ ही कुछ नमकीन और क्रंची खाने की तलब उन्हें चिप्स की ओर खींच ले जाती है।
कोल्ड ड्रिंक – प्यास बुझती नहीं, बल्कि और बढ़ जाती है
लेकिन डाइटीशियन का कहना है कि यह खानपान का तरीका आपकी सेहत को बुरी तरह बिगाड़ सकता है। उन्होंने इसके पीछे के वैज्ञानिक और चिकित्सीय कारणों को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया है।आम तौर पर लोगों के बीच यह एक बहुत बड़ा मिथक है कि चिलचिलाती गर्मी में बर्फ जैसी ठंडी कोल्ड ड्रिंक पीने से उनकी प्यास बुझ जाएगी और शरीर को ठंडक मिलेगी। डॉ. परमीत कौर इस भ्रम को तोड़ते हुए बताती हैं कि कोल्ड ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट करने के बजाय उसे बुरी तरह से डिहाइड्रेट कर देती है।
इसके पीछे का विज्ञान क्या है ?
दरअसल, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। एक सामान्य 300ml की कोल्ड ड्रिंक की बोतल में करीब 10 से 12 चम्मच के बराबर चीनी घुली होती है। जब आप इतनी भारी मात्रा में लिक्विड शुगर का सेवन करते हैं, तो आपका शरीर उस अतिरिक्त शुगर को पचाने (Metabolize) और खून से बाहर निकालने के लिए कोशिकाओं में मौजूद पानी का इस्तेमाल करने लगता है।
चिप्स का ‘सॉल्टी’ ट्रैप: सोडियम और ट्रांस फैट का खतरनाक जाल
इसके अलावा, कई कोल्ड ड्रिंक्स में कैफीन भी होता है। कैफीन एक ‘डाईयूरेटिक’ यानी मूत्रवर्धक तत्व है, जो किडनी को ज्यादा यूरिन बनाने के लिए प्रेरित करता है। नतीजा यह होता है कि आपके शरीर से पानी की मात्रा तेजी से कम होने लगती है और आप कोल्ड ड्रिंक पीने के कुछ ही देर बाद फिर से भयंकर प्यास महसूस करने लगते हैं। गर्मी के मौसम में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। अब बात करते हैं चिप्स की। कोल्ड ड्रिंक के मीठेपन को काटने के लिए लोग अक्सर नमकीन चिप्स का पैकेट खोल लेते हैं। डॉ. कौर बताती हैं कि बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद चिप्स सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छे नहीं माने जाते हैं।

