गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के श्रद्धालु कब तक कर सकेंगे दर्शन
अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर…
संतानहीन दंपत्ति के लिए वरदान है कोटेश्वर महादेव मंदिर
कोटेश्वर महादेव मंदिर, अलकनंदा नदी के किनारे पर स्थित यह मंदिर एक…
बद्रीनाथ ब्रह्म कपाल में पिंडदान क्यों है ख़ास ?
बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल को कपालमोचन तीर्थ भी कहा जाता है। मान्यता…
गंगा किनारे बसे पिरान कलियर का इतिहास
इस्लाम और सूफी परंपरा में “उर्स” उस दिन को कहा जाता है…
