कन्या पूजन में जानें लंगूर और बटुक भैरव का महत्व
कन्या पूजन के दौरान लंगूर इसलिए बैठाया जाता है क्योंकि लंगूर को…
माता का अनोखा मंदिर जहां जूते-चप्पल लाते हैं भक्त
करीब 30 साल पहले कोलार की पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर की…
गरबा की शर्त – कलावा दिखाओ – माथे पर तिलक लगाओ
गरबा पंडालों के आयोजकों ने स्पष्ट किया कि पूर्व में गरबा पंडालों…
भस्म आरती के समय महिलाएं घूंघट क्यों डालती हैं ?
महाकाल की भस्म आरती में घूंघट डालने की यह प्रथा केवल एक…
उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार से 11 लोग सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बुनाई और हस्तशिल्प कला अपनी विविधता,…
साहित्यकारों को मिला उत्तराखंड दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान
उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को ₹5 लाख की पुरस्कार राशि.
संतानहीन दंपत्ति के लिए वरदान है कोटेश्वर महादेव मंदिर
कोटेश्वर महादेव मंदिर, अलकनंदा नदी के किनारे पर स्थित यह मंदिर एक…
यहाँ जिंदा लोग खुद करते हैं अपना ही श्राद्ध
आज हम आपको गया में स्थित जनार्दन मंदिर के बारे में बताने…
पूर्वजों की आरती के बिना अधूरे हैं पितृ पक्ष के अनुष्ठान
पितृ पक्ष, जो 7 सितंबर से शुरू हो गया है, एक ऐसा…
गंगा किनारे बसे पिरान कलियर का इतिहास
इस्लाम और सूफी परंपरा में “उर्स” उस दिन को कहा जाता है…
