UttarakhandControversy : आर्य परिवार का बेहद करीबी है सुरेश राठौर, उर्मिला–सुरेश का हो नार्को टेस्ट :- उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो–वीडियो विवाद ने एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के मामले में नया मोड़ तब आया, जब ऑडियो सामने लाने वाली उर्मिला सनावर देहरादून पहुंचकर एसआईटी के सामने पेश हुईं। लेकिन इससे पहले ही देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक दर्शन भारती के तीखे बयान ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी।
मीडिया से बातचीत में दर्शन भारती ने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरा विवाद उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी टकराव का नतीजा है। उन्हीं दोनों के निजी विवाद ने आज इस मामले को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक भड़का दिया है।
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दर्शन भारती ने कहा कि वायरल ऑडियो क्लिप और उससे उपजे विवाद की असल जड़ सुरेश राठौर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर ने ही अपने मुंह से कई गंभीर बातें कही हैं और अब वही इस पूरे प्रकरण की सच्चाई उजागर कर सकता है। ऐसे में सुरेश राठौर से कड़ी पूछताछ होनी चाहिए और यह भी पूछा जाना चाहिए कि उसने आखिर ऐसे बयान क्यों दिए।
उन्होंने दो टूक कहा कि इस मामले में सिर्फ उर्मिला नहीं, बल्कि उर्मिला और सुरेश—दोनों की जांच जरूरी है। यदि सरकार ने समय रहते दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की होती, तो यह मामला जनता की भावनाओं से इस कदर नहीं जुड़ता और न ही हालात सड़कों तक पहुंचते।
क्या पुलकित, अंकित और सौरभ को बचाने के लिए रची गई साजिश?
इस सवाल पर दर्शन भारती ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि सुरेश राठौर, पुलकित आर्य के परिवार का बेहद करीबी है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि कहीं किसी को बचाने के लिए पर्दे के पीछे कोई साजिश तो नहीं रची गई।
सीबीआई जांच को लेकर उन्होंने कहा कि अगर जनता को लगता है कि सीबीआई जांच से न्याय मिलेगा, तो सरकार को इससे डरने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सीबीआई और पुलिस भी तो सरकार के ही अधीन हैं, ऐसे में आंख मूंदकर भरोसा करना भी आसान नहीं है।
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दर्शन भारती ने स्पष्ट किया कि उर्मिला सनावर पूरी तरह सुरक्षित है और एसआईटी के नोटिस के बाद ही वह बयान दर्ज कराने और सबूत सौंपने देहरादून आई है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले के पीछे कौन सा षड्यंत्र है, वीआईपी कौन है, इसका खुलासा अदालत की निगरानी में होना चाहिए और कोर्ट को अपनी जांच में इस एंगल को शामिल करना चाहिए।
उन्होंने उर्मिला सनावर द्वारा भाजपा के बड़े नेताओं को लेकर दिए गए बयानों को गलत ठहराते हुए कहा कि इस तरह की अपशब्दों भरी बयानबाजी से बचना चाहिए था। दर्शन भारती ने दोहराया कि यदि सुरेश राठौर इस तरह की बातें नहीं करता, तो न तो जनता की भावनाएं भड़कतीं और न ही आज हालात इतने गंभीर होते।
अंत में उन्होंने साफ मांग रखी कि उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर—दोनों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। दर्शन भारती ने यह भी बताया कि वायरल हो रहे ऑडियो पिछले महीने की रिकॉर्डिंग हैं।

