Special Intensive Revision : आज से 12 राज्यों में शुरू हो रहा SIR अभियान :- बिहार में विधानसभा चुनाव (Assembly elections in Bihar) से ठीक पहले शुरू किए गए SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) (Special Intensive Revision ) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के बाद अब चुनाव आयोग (election Commission) देश के 12 राज्यों में ये अभियान आज से शुरू करने जा रहा है. एसआईआर को लेकर बिहार समेत पूरे देश में विपक्ष ने काफी हंगामा किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को देशहित में बताया. पिछले महीने 27 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इलेक्शन कमीशन (Election Commission in press conference) ने घोषणा की थी कि 4 नवंबर को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों में वोटर आईडी वेरिफिकेशन का अभियान शुरू करेगा. इस प्रक्रिया में आधार कार्ड को छोड़कर 13 दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके आधार पर आपका वोटर आईडी वेरिफाई किया जाएगा।
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इन 12 राज्यों में चलेगा अभियान
चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को ऐलान किया कि बिहार (Bihar ) के बाद देश के 12 अन्य राज्यों को एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के लिए चिन्हित किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान और तमिलनाडु राज्य शामिल हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इनमें से पुडुचेरी, केरल, पश्चिम बंगाल और तुमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस लिस्ट में असम को शामिल ना करने की वजह बताते हुए EC आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम में नागरिकता का अलग प्रावधान है।
3 बार आपके घर आएंगे BLO
चुनाव आयोग ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत देश के 12 राज्यों में SIR (Special Intensive Revision )शुरू किया जाएगा, जिसके तहत वोटरों के घर-घर जाकर एनुमरेशन फार्म बांटने का काम किया जाएगा. इसके बाद उस फार्म को 4 दिसंबर तक कलेक्ट किया जाएगा. इस पूरे प्रक्रिया में बीएलओ तीन बार वोटर्स के घर जाएंगे, अभियान पूरा होने के बाद अगले साल 7 फरवरी तक वोटर लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन जारी किया जाएगा।
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नागरिकता के कौन-कौन से दस्तावेज दिखा सकते हैं आप ?
केंद्र या राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनर्स को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश.
सरकारी या स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघरों, एलआईसी या पीएसयू द्वारा 1 जुलाई 1987 से पहले जारी पहचान पत्र या प्रमाणपत्र.
जन्म प्रमाणपत्र (किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी).
पासपोर्ट.
मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाणपत्र (मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी).
स्थायी निवास प्रमाणपत्र (राज्य प्राधिकरण द्वारा जारी).
वन अधिकार प्रमाणपत्र.
जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST) जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया हो.
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से संबंधित प्रमाणपत्र (जहां लागू हो).
फैमिली रजिस्टर (राज्य या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार).
भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र (सरकार द्वारा जारी).
आधार कार्ड (आयोग की दिशा-निर्देश पत्र संख्या 23/2025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025 के अनुसार).
बिहार एसआईआर का दस्तावेज भी मान्य होगा।

