पंजाब में भीषण बाढ़: 23 जिले डूबे, लाखों प्रभावित :- पंजाब में आई अब तक की सबसे भीषण बाढ़ की, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है, हर तरफ पानी ही पानी, तेईस जिले घोषित बाढ़ प्रभावित, पंजाब में पिछले कुछ हफ्तों से जारी भारी बारिश ने हालात को अभूतपूर्व आपदा में बदल दिया है, राज्य सरकार ने सभी तेईस जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है, अब तक तीस लोगों की मौत हो चुकी है और तीन दशमलव पाँच लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, सतलुज, ब्यास और रवि नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, और राज्य के बडे बांध जैसे भाखडा और पोंग पूरी तरह भर चुके हैं।
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CM और गवर्नर ने किया दौरा, केंद्र से राहत की मांग, मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद नाव में सवार होकर फिरोजपुर के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर चुके हैं, वहीं राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने तरनतारन और फिरोजपुर के हालात का जायज़ा लिया, सीएम मान ने केंद्र सरकार से साठ हज़ार करोड के लंबित फंड को जारी करने की माँग की है और कहा है कि पंजाब भीख नहीं, अपना हक मांग रहा है, खेतों में तबाही, किसानों पर सबसे बडा असर, बाढ़ से अब तक एक दशमलव चार आठ लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।
फाजिल्का में 41 हज़ार एकड, कपूरथला में 28 हज़ार एकड, फिरोजपुर में 26 हज़ार एकड, खासतौर पर धान की फसल, जो पंजाब की रीढ़ मानी जाती है, पूरी तरह पानी में डूब चुकी है, कई जगहों पर तो अब भी अंतिम नुकसान का आंकलन जारी है, राहत और बचाव, युद्ध स्तर पर अभियान, सरकार और सेना मिलकर राहत अभियान चला रही हैं, एनडीआरएफ की 23 टीमें, सेना, वायुसेना और B S F, 114 नावें और हेलीकॉप्टर, अब तक बीस हज़ार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और एक सौ चौहत्तर राहत शिविरों में 4700 से ज्यादा लोग रह रहे हैं, 818 मेडिकल टीमें और पशु चिकित्सा सेवाएं भी सक्रिय हैं।
बांध ओवरफ्लो, खतरा अब भी टला नहीं, पोंग डैम का जलस्तर 1391 फीट पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है, रवि नदी में पानी का बहाव चौदह दशमलव एक एक लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जो 1988 की बाढ़ से भी ज़्यादा है, IMD ने अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है।
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प्रकृति का गुस्सा या इंसानी लापरवाही, विशेषज्ञ कहते हैं कि यह सिर्फ बारिश का असर नहीं है, नदियों की सफाई नहीं हुई, बाढ़ के मैदानों पर अतिक्रमण, कमज़ोर बांध और जल निकासी की व्यवस्था, इन मानवीय भूलों ने भी इस आपदा को और भयानक बना दिया है, अब ज़रूरत है एकजुट होने की, पंजाब का यह संकट सिर्फ एक राज्य की नहीं, पूरे देश की चिंता होनी चाहिए, क्या आपको लगता है कि केंद्र सरकार को तत्काल फंड जारी करने चाहिए, क्या हम जलवायु परिवर्तन और लापरवाही से सबक लेंगे, अपने विचार नीचे कमेंट में जरूर बताइए, वीडियो पसंद आया हो तो लाइक करें, शेयर करें और ऐसे ही अपडेट्स के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।

