इनमें से 7 एक जगह से और 3 दूसरी जगह से गिरफ्तार किए गए।
इनकी योजना पुलिस की वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम देने की थी।
7 आरोपियों में शामिल राकेश कुमार उर्फ अनिल (24), हरजोत सिंह उर्फ लीला (23), अजय इशरवालिया उर्फ पंजाबी (20), प्रिंस उर्फ गोलू (18), जोगिन्द्र उर्फ जोगा (31), संदीप उर्फ दीप (23), सिंदरपाल उर्फ बिट्टू (33) को मेहंदवाड़ा भौंडसी से काबू किया गया।
इनसे पूछताछ के बाद इन्हीं के 3 अन्य साथियों धर्मेंद्र उर्फ धर्मा (27), दीपक उर्फ दिलावर (26) व भरत (24) को गुरुग्राम के राजीव चौक के निकट देवीलाल स्टेडियम के पास से अवैध हथियारों समेत काबू किया गया।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि वे सभी कुख्यात गैंगेस्टर लॉरेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड़ गैंग के सक्रिय शूटर हैं।
गुरुग्राम में डकैती व अपहरण की बड़ी वारदात को अंजाम देने आए थे।
डकैती व अपहरण की वारदात को अंजाम देने के लिए इन्होंने योजना बनाई थी कि जोगिन्द्र उर्फ जोगा पुलिस इंस्पेक्टर बनेगा।
अन्य सदस्य भी पुलिस की वर्दी पहनेंगे और वारदात को अंजाम देंगे।
योजना के अनुसार इन्हें एक व्यक्ति का अपहरण करके फिरौती के रूप में करोड़ों रुपये ऐंठने की वारदात को अंजाम देना था।
पकड़े गए 7 आरोपियों के खिलाफ भौंडसी थाना में और 3 के खिलाफ सदर थाना गुरुग्राम में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
हरियाणा व पंजाब के रहने वाले हैं सभी आरोपी:
जोगेंद्र उर्फ जोगा मूलरूप से गांव गांव बड़दूनई जिला भिवानी का निवासी, हरजोत सिंह उर्फ लीला गांव बदरकलाई जिला मोगा पंजाब का, सिन्दरपाल उर्फ बिट्टू गांव कलवानु जिला पटियाला का, संदीप उर्फ दीप गांव सिसाय हिसार का, अजय इशरवालिया उर्फ पंजाबी गांव इशरवाल जिला भिवानी का रहने वाला है।
पुलिस की ड्रेस समेत अन्य सामान बरामद:
विदेश में बैठे गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा व वीरू के इशारे पर ही वारदात अंजाम देते हैं।
गुरुग्राम में की जाने वाली इस वारदात को अंजाम देने के लिए ये पुलिस की वर्दी, बेल्ट, जूते आदि लेकर आए थे।
ये विदेश में बैठे गोल्डी बराड़ आदि से लगातार संपर्क में थे।
उन्हीं के निर्देश पर गुरुग्राम से एक व्यक्ति का अपहरण करके उससे करोड़ों रुपये की फिरौती वसूल करनी थी।

