उत्तराखंड को सशक्त बनाएगी पर्वतीय मैदानी एकता समिति : – खोजी नारद के सवालों का जवाब देने के लिए इस हफ्ते के मेहमान बने पर्वतीय मैदानी एकता समिति के अध्यक्ष एडवोकेट पीके अग्रवाल। जिन्होंने उत्तराखंड की समृद्धि और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने के लिए समिति का रोड मैप और ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार साझा किये। उन्होंने बताया कि किस तरह 50 साल के लंबे राजनीतिक अनुभव के माध्यम से अब वह पर्वतीय मैदानी एकता समिति के द्वारा उत्तराखंड में भाईचारे और सौहार्द के लिए लोगों को जागरूक करेंगे और समृद्ध सशक्त उत्तराखंड का आधार मजबूत करेंगे।
खोजी नारद – बीते दिनों एक कैबिनेट मंत्री के इस्तीफा के दौरान पर्वतीय मैदानी विवाद काफी सुर्खियों में रहा है आप उस घटनाक्रम को किस नजरिए से देखते हैं ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – देखिए जो सरकारी माहौल है वह अलग बात है लेकिन जिस तरह से बीते दिनों यह बात पैदा हुई कि पर्वतीय मूल के लोगों ने मिल कर मैदानी मूल के मंत्री को हटाने में अथक प्रयास किया यह कहकर कि वह पहाड़ी मूल के न होकर मैदानी मूल के हैं ऐसी विचारधारा और मानसिकता उत्तराखंड के लिए बेहद शर्मनाक भी है और दुखद भी है।
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खोजी नारद- क्या इस घटनाक्रम ने आपको मजबूर किया कि पर्वतीय मैदानी एकता के लिए अब एक मंच एक प्लेटफार्म बनाया जाए ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – जहां तक मेरी बात है मुझे उत्तराखंड से बेहद लगाव है मुझे गर्व है उत्तराखंडी होने पर क्योंकि वह देवभूमि है और ऐसी पवित्र भूमि पर इस तरह के मनमुटाव वाली भावना किसी के मन में भी नहीं होनी चाहिए। यह दुखद है कि अभी तक लोग इसे महसूस कर रहे थे लेकिन ऐसी घटनाओं से यह भावना दिखाने लगती हैं। ऐसे में हमारा प्रयास है कि इन भावनाओं को मिटाकर आपसी एकता और भाईचारे के साथ उत्तराखंड के विकास और उन्नति के लिए प्रयास किया जाये।
खोजी नारद – पर्वतीय मैदानी एकता समिति का उत्तराखंड की उन्नति को लेकर क्या विजन है ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – हमारा विजन है कि हम लोगों के मन में प्रेम की भावना भाईचारे की भावना को मजबूत करें एक दूसरे के तीज त्योहार और आयोजनों में शामिल होकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराये जिससे समाज में किसी भी प्रकार की कटुता को मिटाया जा सके।
खोजी नारद – समिति उत्तराखंड के युवाओं और लोगों को कैसे जोड़ेगी ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – देखिए , यहां पर बात लोगों में आई दूरियां बताने का नहीं है , मसला है कैसे हम उन दूरियों को खत्म करें कैसे लोगों को एक दूसरे से जोड़े और अपने प्रदेश और यहां की उन्नति और समृद्धि के लिए काम करें। हमारा प्रयास यही है कि हम लोगों को बताएं की एकता में शक्ति है मिलकर चलने से ही सफर आसान होता है , और किसी भी प्रदेश की उन्नति तभी संभव है जब लोग मिलजुल कर प्रयास करें आगे बढ़े। मुझे भरोसा है कि उत्तराखंड के लोग देवभूमि की देवतुल्य जनता मिलजुल कर आगे बढ़ेगी , लोग हमारे साथ जुड़ेंगे और अपने प्रदेश की उन्नति और सर्वोत्तम राज्य के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रयास करेंगे क्योंकि हम सब का लक्ष्य उत्तराखंड का विकास है और उस विकास की रफ्तार को किसी भी तरह से अवरुद्ध ना कोई भावना कर सके ना कोई सोच कर सके इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा।
खोजी नारद – आप 50 साल का राजनीतिक अनुभव रखते हैं लेकिन लंबे समय से अज्ञातवास में क्यों रहे ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – यह कहना गलत है कि मैं लंबे समय से राजनीति से दूर रहा हूं , मैं देश के सभी प्रमुख बड़ी पार्टियों में महत्वपूर्ण पदों पर बड़ी जिम्मेदारियां निभाता रहा हूं और आज भी सक्रिय हूं। लेकिन कुछ काम ऐसे होते हैं जो प्लानिंग के तहत किए जाते हैं और वह दिखते नहीं है। यह भी सच है कि मैं लंबे समय से तैयारी कर रहा था और अब यही मौका है जब हम अपने प्रदेश की खुशहाली तरक्की और समृद्धि के लिए , भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए , आपसी सौहार्द के लिए सड़कों पर उतरे और अब मेरा यह विजन मिशन बन चुका है। हम लोगों को जोड़ने के लिए अब सड़कों पर भी उतरेंगे और मुझे उम्मीद है कि देवभूमि की प्रबुद्ध जनता का मुझे समर्थन सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा और पर्वतीय मैदानी एकता समिति से लाखों लोग जुड़ेंगे और मिलकर आगे बढ़ेंगे।
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खोजी नारद- आप मुख्यमंत्री के करीबी लोगों में शामिल हैं तो क्या भविष्य में आपकी समिति का लाभ भाजपा को मिलने जा रहा है ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – हमारे विजन और मिशन का कोई राजनीतिक ना लक्ष्य है और ना ही कोई लालसा , यह एक जन भावना है , लोगों को जोड़ने की ,लोगों को एक करने की। हमारे प्रदेश में या तो लोग कांग्रेस से जुड़े हैं या बीजेपी से , लेकिन मेरा पहाड़ और मैदान को एक करने का जो विजन है वह राजनीति से ऊपर है और पवित्र ह। मैं जनता को विश्वास दिलाता हूं कि इससे ना फायदा भाजपा को होगा ना नुकसान कांग्रेस को , फायदा होगा तो सिर्फ उत्तराखंडियों का और उत्तराखंड का।
खोजी नारद – क्या आने वाले समय में आप 13 जिलों में कोई विशेष अभियान चलायेंगे ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – देखिये हमारी तो पुरानी आदत है हम 50 साल में राजनीति के हर रंग को देख चुके हैं। ऐसे में रथ यात्रा हो रैलियां हो ,नुक्कड़ सभाएं हो मीडिया संवाद हो, सामाजिक कार्यक्रम हो इसके माध्यम से हम लोगों को और प्रमुख हस्तियां को जोड़कर इस समिति को मजबूत करेंगे और जो भावनाएं लोगों के मन में दूरियां पैदा कर रही है समिति के मंच से हम उन दूरियों को खत्म कर लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ प्रदेश हित में काम करने के लिए प्रेरित करेंगे।
खोजी नारद – गैरसैण में शीतकालीन सत्र चंद घंटे में खत्म कर दिया गया , इस पर क्या कहेंगे ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – गैरसैण निश्चित ही एक बड़ा चुनावी मुद्दा है , राजनीतिक मुद्दा है , लेकिन इसे सियासी लोगों ने समय के साथ छोड़ दिया है। लेकिन मेरा सुझाव है कि गैरसैंण में कम से कम 2 से 3 महीने का सत्र जरूर चलना चाहिए। बाकी 8 से 9 महीने आप देहरादून में सत्र कीजिए इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि असल मुद्दा तो पहाड़ के विकास का है लेकिन केवल खानापूर्ति करने से न लोगों का कोई फायदा होगा और न उत्तराखंड का।
खोजी नारद – पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कहते हैं कि कांग्रेस सरकार बनी तो गैरसैण को स्थाई राजधानी बना देंगे।
एडवोकेट पीके अग्रवाल – हरीश रावत जी बड़े नेता हैं लेकिन सवाल यह है कि स्थाई राजधानी के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए , जो वहां की मूलभूत ज़रूरतें हैं वह कैसे पूरी होगी ? और असल बात तो वहां लोगों को जन सुविधा और मूलभूत जरूरत को पूरा करने का है। ऐसे में आए दिन होने वाली रोड कनेक्टिविटी की चुनौती भी सामने आएगी ऐसे में सरकार का न सिर्फ समय ज्यादा जाएगा बल्कि प्रदेश के खजाने पर भी बड़ा बोझ पड़ेगा ऐसे में गैरसैंण को अस्थाई राजधानी के रूप में विकसित करते हुए कम से कम 3 महीने का सत्र वहां किया जाए और देहरादून में शीतकालीन सत्र और बाकी कामकाज चलाने में कोई समस्या सामने नहीं आएगी।
खोजी नारद – पर्वतीय मैदानी मुद्दे को लेकर स्पीकर खंडूरी और विधायक विनोद चमोली ने भी राय रखी , परिसीमन की भी बात कही , इसके पीछे असल खेल क्या है ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – आजादी के बाद से लेकर राज्य बनने तक उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एक राज्य था यहां के लोग एक परिवार की तरह मिलजुल कर रहते थे और बड़े नेता पहाड़ से निकलकर मैदान की सियासत में चमके जिनमें पंडित नारायण तिवारी , पंत जी और दिग्गज हेमवती नंदन बहुगुणा जैसे राष्ट्रीय लीडर्स देश को मिले। इसलिए जो लोग पहाड़ मैदान के नाम पर बंटवारा करते हैं अलग सोच रखते हैं यह उनकी तुच्छ मानसिकता है , क्योंकि भाईचारा और आपसी सौहार्द ही हमारी खूबसूरती है हमारी पहचान है और यही विकास का आधार भी होना चाहिए।
खोजी नारद – क्या 2027 विधानसभा चुनाव में समिति किसी के साथ राजनीतिक मित्र के रूप में भी नजर आ सकती है ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – देखिए हमारा कोई राजनीतिक एजेंडा ना है ना फिलहाल होगा। यह एक भावनात्मक मुद्दा है और लोगों की संवेदनाओं से जुड़ा हुआ विषय है। ऐसे में पहाड़ी मैदानी एकता को मजबूत करना हमारा लक्ष्य है और किसी राजनीतिक पार्टी से हमें किसी भी तरह से कोई उनका सपोर्ट न हमें चाहिए ना हम उनका सपोर्ट करने वाले हैं।
खोजी नारद – क्या भविष्य में समिति सिर्फ भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए ही काम करेगी ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – यह एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे राज्य के लिए बेहद संजीदा भी है और जरूरी भी है ऐसे में हमारा प्रयास होगा कि अपने राज्य और यहां के हर नागरिक की खुशहाली रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के लिए हम काम करें। यह तभी संभव होगा जब हमारे अंदर आपसी भाईचारा होगा ,पहाड़ मैदान की भावना खत्म होगी और हम मिलकर एक दिशा में आगे बढ़ेंगे। वह दिशा उत्तराखंड की समृद्धि , खुशहाली और मजबूती है जिसके लिए हम प्रदेश के प्रबुद्ध नागरिकों से मिलेंगे , उन्हें एक करेंगे , एक मंच पर लाएंगे और समय-समय पर अपने कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाएंगे।
खोजी नारद – धराली आपदा पीड़ितों को समिति किस तरह से सहयोग कर रही हैं ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – सामाजिक सहयोग के लिए हमारे परिवार और मेरा व्यक्तिगत इतिहास है कि राज्य में या किसी भी प्रकार की विपदा हो , हमने बढ़ चढ़कर लोगों की मदद की है फिर वह चाहे कोरोना काल रहा हो , केदारनाथ आपदा रही हो या अब धराली की आपदा हो। हम बढ़ चढ़कर लोगों का सहयोग करते हैं हमारा यह लक्ष्य होता है कि पीड़ितों को , प्रभावित परिवारों को हम हर संभव राहत दे सके , वर्तमान में हम राहत सामग्री ट्रैकों के माध्यम से भेज रहे हैं। उत्तरकाशी में समिति से जुड़े बहुत से स्थानीय नागरिक है जो सड़क मार्ग दुरुस्त होने के बाद राहत सामग्रियां लोगों तक पहुंचाएंगे और जिला प्रशासन के सहयोग से दैनिक उपयोग की वस्तुओं को हम प्रभावितों तक पहुंचाएंगे जिसके लिए हमने बड़े पैकेट तैयार किए हैं जिनमें मूलभूत जरूरत के सभी सामान उपलब्ध कराए गए हैं।
खोजी नारद – पर्वतीय मैदानी एकता समिति से लोगों को जोड़ने के लिए आप क्या अपील करेंगे ?
एडवोकेट पीके अग्रवाल – जो भी हमारे उत्तराखंडी भाई बहन है फिर वह चाहे पहाड़ के हो या मैदान के जिसमें आपसी सौहार्द , प्रेम और भाईचारे की भावना है उन्हें जोड़ेंगे और जिनके मन में जरा सी भी कड़वाहट है या दूरियां है उन्हें खत्म करेंगे और उन्हें कहेंगे कि आइये हम और आप मिलकर हमने प्रदेश की खुशहाली , तरक्की के लिए काम करें ताकि हमारा राज्य आने वाले समय में सर्वोत्तम राज्य के रूप में देश के सामने एक मिसाल बन सके।

