दिल्ली : विपक्ष के 141 सस्पेंड सांसदों के लिए एक और बुरी खबर, लोकसभा सचिवालय ने ये आदेश जारी कर दिया।
संसद के शीतकालीन सत्र से 141 सांसदों को सस्पेंड किए जाने के बाद अब लोकसभा सचिवालय ने एक सर्कुलर जारी किया है।
निलंबित सांसदों के संसद कक्ष, लॉबी और गैलरी में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है।
निलंबित सांसदों में 95 लोकसभा के और 46 राज्यसभा के हैं। इससे पहले, राज्यसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारते देखा गया था।
जिसपर धनखड़ ने अपनी नाराजगी भी जताई थी। सर्कुलर के अनुसार, निलंबित सांसदों को संसदीय समितियों की बैठकों से सस्पेंड कर दिया गया है।
कार्य सूची में उनके नाम पर कोई आइटम नहीं डाला जाएगा। साथ ही सर्कुलर ये सांसद जब तक निलंबित रहेंगे तब तक इनको दैनिक भत्ता भी नहीं दिया जाएगा।
दरअसल 18 दिसंबर को लोकसभा से 45 और राज्यसभा से 33 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। उससे पहले, 14 दिसंबर को लोकसभा से 13 और राज्यसभा से 1 सांसद को निलंबित किया गया था।
इन दो तारीखों पर विपक्ष के कुल 92 सांसदों को सस्पेंड किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सब सांसद 13 दिसंबर को संसद में हुई सुरक्षा चूक पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की सफाई मांग रहे थे।
इसके बाद, 19 दिसंबर को संसद में विपक्ष ने फिर से विरोध शुरू किया। गांधी प्रतिमा के नीचे सांसदों ने बैठकर नारेबाजी की. सदन के अंदर भी ये हुआ तो तुरंत कार्यवाही स्थगित करने का आदेश आ गया।
एक बार फिर से लोकसभा से कुल 49 सांसद बाहर कर दिए गए।
इस तरह देश की संसद से विपक्ष के 141 सांसद सस्पेंड हो गए। इन पर आरोप है कि इन्होंने सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी।

