’विकसित भारत-विकसित उत्तराखण्ड’’ का शुभारंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रूड़की के नेहरू स्टेडियम में ’’विकसित भारत-विकसित उत्तराखण्ड’’ मेगा प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रदर्शनी में विकसित हो रहे है भारत और उत्तराखंड की अद्भुत और जीवंत छवि को प्रस्तुत किया गया है, यह प्रदर्शनी ऐसा वातावरण प्रस्तुत कर रही है जिसमें हम सभी को एक नए भारत की झलक दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य सभा सांसद नरेश बंसल के प्रयासों से लगाई गई मेगा प्रदर्शनी की खासियत बताते हुए कहा कि डीआरडीओ, इसरो, टीएचडीसी, और भारतीय मानक ब्यूरो के साथ ही अनेक केंद्रीय एजेंसियों द्वारा स्टॉल लगाकर विकसित भारत एवं आत्म निर्भर हो रहे भारत की उपलिब्धयों को इसमें प्रदर्शित किया गया है।
राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा भी स्टॉल लगाकर अपने-अपने विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यों एवं नवाचारों को प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया गया है, इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा भी स्टाल लगाकर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शनी एवं बिक्री हेतु रखा गया है, जो उत्तराखंड में सुदृढ़ हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शनी न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारे देश को मिल रही उपलब्धियों को उजागर कर रही है, बल्कि ये 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता से जन-जन को जोड़ने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र प्राचीन काल से ही ज्ञान, विज्ञान, कला और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पुनः अपने ऐतिहासिक गौरव को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एक वर्ष के भीतर प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है और इतना ही नहीं, पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने प्रदेश के 20 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित रखने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी हम निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण के साथ ही मानसखंड में स्थित कुमाऊँ के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्गीकरण हेतु करोड़ों की लागत से परियोजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुख-शांति बनाए रखने के साथ ही प्रदेश की डेमोग्राफी संरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने भू-सुधार एवं भू-प्रबंधन कानून जिसे भू-कानून के रूप में भी जाना जाता है, को लागू कर स्पष्ट कर दिया है हम भू-माफियाओं को उत्तराखंड से भगाकर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि इस कानून से असल निवेशकों को बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है, वस्तविक निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हमारी नीतियों और प्रयासों का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा राज्य प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, तथा विश्वास व्यक्त किया कि हम जन सहभागिता से उत्तराखंड को देश के एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे। सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कल्पना सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, विधायक प्रदीप बत्रा द्वारा भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये गये तथा राज्य सभा सासंद नरेश बंसल द्वारा अभिनन्दन पत्र पढ़कर स्वागत किया गया।

