ड्रेनेज सिस्टम सॉलिड न होने के कारण पब्लिक को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन हर साल स्थिति बद से बदत्तर होती जा रही है।
ये हम नहीं कह रहे बल्कि देहराखास व कौलागढ़ के स्थानीय लोगों का कहना है।
उनके अनुसार पिछले साल तक थोड़ी-थोडी जगह पानी जमा होता था।
अब तो स्थिति ये है कि जगह-जगह पानी ही पानी है।
सड़क के गड्ढे लबालब हैैं पानी से कैसे चले:
एरिया में जल भराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की मानें तो एक तरफ तो एरिया की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढों और जलभराव से क्षेत्र की जनता परेशान है।
वहीं दूसरी और विधायक व पार्षद ने क्षेत्रों में देखने की जहमत तक नही उठाई।
सीएम और डीएम तो क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे लेकिन, पार्षद और विधायक ने जनता की सुध लेने की कोशिश तक नहीं की है।
कौलागढ़ वार्ड में अंकित विहार से महालेखाकार कार्यालय की तरफ जाने वाली सड़क का इतना बुरा हाल है कि उस पर गाड़ी लेकर तो क्या पैदल चलना भी मुश्किल है।
देहराखास के लोगों की बढ़ी परेशानी:
बीते दो साल से देहराखास के टीएचडीसी कॉलोनी में पब्लिक परेशान है। यहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर जाता है।
ऐसे में यहां से निकलना भी कई बार मुश्किल हो जाता है।
कई बार शिकायत करने के बाद थोड़ी-थोड़ी सड़क बना देते हैं। लेकिन, इसके बाद कुछ दिनों बाद स्थिति जस की तस बनी रहती है।
इसके बाद कई बार दुकानदारों का व्यापार भी ठप हो जाता है।
यहां तक की कि कई बार तो बारिश के कारण स्कूल आने जाने वाले बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है।
आलम ये है कि नालियों की भी सफार्ई नहीं हो पाती है। नालियों की सफाई न होने के कारण सड़कों में पानी लबालब भरा रहता है।
इन राहों पर चलना मुश्किल:
कई वाहन चालक तो इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। न तो विभाग इन गड्ढों की सुध ले रहा है और न ही क्षेत्रीय पार्षद और विधायक को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार है।
अब जब देश के सबसे बड़े केंद्रीय संस्थान महालेखाकार कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क का इतना बुरा हाल है तो बाकी जगह की तो बात ही क्या करें।

