सीएम ने स्थानीय विकास प्राधिकरणों के माध्यम से नक्शों की स्वीकृति तक की प्रक्रियाओं को 15 दिनों के अंदर पूरा करने की दिशा में सख्त निर्देश दिए।
इसके साथ ही, उन्होंने नगरीय क्षेत्रों के समस्याओं का समाधान और स्थानीय स्वच्छता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात की ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम का उद्घाटन करने का उद्देश्य नक्शों की स्वीकृति तक की प्रक्रियाओं को तेजी से और सरल बनाना है।
इस सिस्टम के माध्यम से नक्शों की प्रस्तुति, स्वीकृति और अनुशंसाओं की समीक्षा आसानी से हो सकेगी जिससे समय और विधियों की बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने आवासीय भवनों के नक्शे को 15 दिनों के अंदर स्वीकृत करने की निगरानी करने के लिए भी निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी देरी नहीं हो और नक्शों की मंजूरी तेजी से हो सके।
उन्होंने नगरीय क्षेत्रों के समस्याओं के समाधान के लिए भी विशेष योजनाएं बनाने की बात कही है। वे चाहते हैं कि नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं ताकि यह संदेश देश और दुनिया में जा सके कि उत्तराखण्ड एक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर राज्य है।
उन्होंने नगर निकाय के साथ साथ विकास अधिकारियों को भी सहयोग से काम करने के लिए ध्यान देने को कहा।
सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से नक्शों की स्वीकृति तक की प्रक्रियाएं सुगम और तेजी से होने से निवेशकों और विकास प्राधिकरणों को भी बेहतर समर्थन मिलेगा।
मुख्यमंत्री की इस पहल के साथ, उत्तराखण्ड की आवास और शहरी विकास की दिशा में एक नई दिशा मिलेगी जो नक्शों की स्वीकृति के बादी कदम को आसानी से पूरा करने में मदद करेगी।
योजनाओं के तहत उत्तराखण्ड सरकार ने आवासीय भवनों के नक्शों की स्वीकृति और सम्प्रेषण की प्रक्रियाओं को सुगम बनाने की पहल की ।
इससे समय की बचत होगी और संविदानिक प्रक्रियाओं को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा। यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि आवासीय भवनों का निर्माण और विकास अनुकूल और आवश्यक सुविधाओं के साथ होता है।
उत्तराखण्ड के नगरीय क्षेत्रों में सुधार की दिशा में भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वे चाहते हैं कि नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए सुविधाएं मजबूती से उपलब्ध हों और वह देश व विदेश में बेहतर तरीके से प्रस्तुत हो सके।
उन्होंने आवास और शहरी विकास विभाग को साथी के रूप में काम करने का आह्वान भी किया है ताकि सभी उपायों से नगरीय क्षेत्रों में सुधार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी ध्यान में रखा कि नगर निकाय से जुड़े कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए जिले के मुख्य विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए।
इससे नगरीय क्षेत्रों में जल्दी सुधार हो सके और सरकार के प्रोजेक्ट्स का सही तरीके से प्रगति पर निगरानी की जा सके।
उत्तराखण्ड सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शहरों में पार्किंग स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रूद्रपुर और नैनीताल जैसे शहरों में जाम की स्थिति को सुधारने के लिए पार्किंग स्थलों का विकास किया जाए।
इसके साथ ही, इन शहरों में शटल वाहन सेवा का संचालन करने की भी योजना बनाई जा रही है ताकि लोगों को सार्थक और सुविधाजनक तरीके से सारे शहर में यातायात करने में मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अच्छी सड़कों के साथ-साथ बिजली, पेयजल, स्वच्छता आदि की व्यवस्थाएं भी समयबद्ध योजनाओं के साथ तैयार की जानी चाहिए। इससे शहरों में बेहतर जीवन स्तर और सुविधाएं हो सकेंगी।
सरकार ने नक्शों की स्वीकृति की प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और नगरीय क्षेत्रों में सुधार करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
यह पहल निवेशकों के लिए भी बेहतर समर्थन होगा और नगरीय क्षेत्रों को सुंदर और स्वच्छ बनाने में मदद करेगा। साथ ही, इससे सरकार के प्रोजेक्ट्स का समय पर निगरानी भी संभव होगी और शहरों का विकास एक संवेदनशील और प्राथमिकता स्थापित करने वाला प्रक्रिया बनेगा।

