वंदे भारत में फंस गए तो लगेगा जुर्माना :- सोचिए अगर आप वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन में फंस जाएं तो स्थिति न केवल अजीब होगी, बल्कि आपको जुर्माने का भी सामना करना पड़ सकता है. सवाल उठता है कि भारतीय रेलवे इस तरह की स्थिति को लेकर क्या नियम अपनाता है और बिना टिकट ट्रेन में सफर करने पर क्या-क्या झेलना पड़ सकता है?
बिना टिकट पकड़े गए तो कितना जुर्माना लगेगा?
भारतीय रेलवे के नियम साफ हैं. हर यात्री के पास वैध टिकट होना अनिवार्य है. अगर किसी के पास टिकट नहीं होता, तो उसे ‘टिकट रहित यात्री’ माना जाता है और उस पर किराए के अलावा जुर्माना भी लगाया जाता है. वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यह नियम और भी सख्ती से लागू होता है क्योंकि यह पूरी तरह रिज़र्व्ड और एसी ट्रेन होती है. हर सीट का रिकॉर्ड पहले से सिस्टम में मौजूद रहता है।
बिना टिकट पकड़े जाने पर आपको उस रूट का पूरा किराया देना होता है. इसके अलावा कम से कम ₹440 की पेनाल्टी भी लग सकती है (AC क्लास के हिसाब से)अगर आपने एक-दो स्टेशन का सफर भी तय किया है, तो उसके अनुसार कुल राशि और बढ़ सकती है।
क्या ऐसी स्थिति में कोई रास्ता बचता है?
अगर ट्रेन के दरवाजे बंद होने की वजह से आप गलती से उसमें चढ़े रह गए हैं, और आपके पास टिकट नहीं है, तो सबसे सही तरीका है टीटीई से तुरंत संपर्क करना. टीटीई को पूरी बात साफ-साफ बताएं. आप उनसे अनुरोध कर सकते हैं कि अगला स्टेशन आते ही आपको उतार दिया जाए. अगर अगला स्टेशन बहुत दूर है, तो टीटीई की सहमति से चेन पुलिंग भी करवाई जा सकती है (लेकिन यह विकल्प केवल आपात स्थिति में ही दिया जाता है।
अगर आप खुद जाकर टीटीई को जानकारी देते हैं, तो वह संभवत: आपको माफ कर सकते हैं या कम से कम जुर्माना कम कर सकते हैं. लेकिन अगर आप पकड़े जाते हैं और सफाई देने लगते हैं, तो जुर्माना देने के अलावा आपके खिलाफ केस भी दर्ज हो सकता है।
इसलिए रखें इन बातों का ध्यान
कभी भी ट्रेन के अंदर न जाएं अगर सफर नहीं कर रहे हैं. अगर जाना ही पड़े, तो ट्रेन छूटने से पहले हर हाल में उतर जाएं. ट्रेन की समय-सारणी और दरवाजे बंद होने का वक्त पहले ही जान लें. बच्चों या बुजुर्गों को छोड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर ही विदा करना बेहतर है।

