यूरिक ऐसिड एक टाॅक्सिन हैं जो खाने के पचने के बाद लिवर इंटेस्टाइन और वैस्कुलर एंडोथेलियम से बनता हैं वहीं किडनी इन टाॅक्सिन को फिल्टर कर टाॅयलेट के जरिए बाहर निकाल देती है।
हालांकि हाई यूरिक एसिड होने पर ये क्रिस्टल के रूप में हड्डियों में जमा होना शुरू हो जाता है।
इसके चलते पीड़ित को जोडो में तेज दर्द, अकडन और सूजन जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।
वहीं कई बार यह दर्द इतना असहनीय हो जाता हैं कि व्यक्ति को अस्पताल तक का रूख करना पड़ता हैं।
जोड़ो में जमा हाई यूरिक एसिड हड्डियों को खोखला करने का काम करता हैं।
जिसके चलते कई बार पीड़ित हिल-डुल तक नहीं पाता हैं।
साथ ही इसका खराब असर आपकी किडनी पर भी पड़ता है।
ऐसे में बढ़ते यूरिकक एसिड को कंट्रोल करना और जरूरी हो जाता हैं।
यूरिक एसिड को कैसे करें कंट्रोलः
हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कई तरह की दवांए उपलब्ध हैं हालांकि आप चाहें तो इसे नेचुरल तरीके से भी कंट्रोल कर सकते हैं।
बता दे कि कुछ योगासन की मदद से शरीर में बनने वाले युरिक एसिड को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता हैं साथ ही ये आसन जोड़ो में जमा यूरिक एसिड के क्रिस्टल को तोडने में भी असरदार साबित होते हैं ।
गोमुखासनः
हर रोज गोमुखासन करने से ना केवल आपकी पीठ एंव बाहों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं बल्कि इससे हाई यूरिक एसिड को भी आसानी से कंट्रोल किया जा सकता हैं।
योग विशेषज्ञों के मुताबिक यूरिक एसिड बढने के कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने में भी गोमुखासन का अभ्यास बेहद लाभकारी हैं साथ ही इसका नियमित अभ्यास आपको थकान और अधिक तनाव से भी दूर रखता हैं।
कैसे करें गोमुखासनः
- इसे करने के लिए सबसे पहले क्रॅास लेग वाली मुद्रा में बैठ जाएं।
- अपने दांए पैर को बाएं पैर की जांघों के ऊपर रखें।
- अब अपने दाएं हाथ को कंधे के ऊपर करें और कोहनी को पीठ के पीछे जितना अधिक हो सकता हैं ले जाएं।
- इसके बाद बाईं कोहनी को पीछे की ओर लाकर दोनों हाथों को मिला लें।
- इस स्थिति में कुछ देर रहें और गहरी सांस का अभ्यास करें अब दोबारा पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
ताड़ासनः
शरीर में युरिक एसिड की मात्रा कम करने के लिए ताड़ासन भी बेेहद फायदेमंद जाता हैं ये सरल होने के साथ-साथ ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है।
कैसे करें ताडासनः
- सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं।
- इसके बाद अपने दोनों हाथों की उंगलियों को इंटरलाॅक करते हुए सीधा कान से सटाते हुए ऊपर की तरफ ले जाएं।
- अब जितना हो सके स्ट्रेच करते हुए पेट और चेस्ट को अंदर की तरफ ले जाएं और एड़ियों को जमीन पर ही रखें।
- इसी मुद्रा में करीब 20 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे हाथों को वापस नीचे की ओर ले आएं।
धनुरासनः
धनुरासन करने से हड्डियों को लचीला बनाया जा सकता हैं साथ ही ये हड्डियों में जमा यूरिक एसिड के क्रिस्टल को पिघलाकर बाहर निकालने का काम भी करता है।
कैसे करें धनुरासनः
- धनुरासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं और हाथों को पैरों के पास रखें।
- अब अपने घुटनों को ऊपर की ओर मोड़कर इन्हें पकडने की कोशिश करें।
- इसके बाद गहरी सांस लेते हुए सीने को ऊपर की ओर उठाएं और पैरों को खीचें।
- करीब 15-20 सेकेंड तक इस अवस्था में रहें और फिर पूर्ववत आ जाएं।

